फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सियासत: बंगाल चुनाव में शह-मात का खेल जारी, ममता की चोट से घायल हुए राजनीतिक दल

Sat, 13 Mar 2021 07:39 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
अस्पताल से घर लौटीं ममता बनर्जी। - फोटो : ANI
विज्ञापन

पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दांव पेच का दौर जारी है। सभी राजनीतिक दल चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए हर तरह के मौके को भुनाने की कोशिश में लगे हुए हैं। फिलहाल राज्य में 28 अप्रैल से मतदान प्रक्रिया शुरू होगी। लेकिन उससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चोट ने सभी को घायल कर दिया है। 

विज्ञापन


दरअसल बंगाल चुनाव में उस वक्त दिलचस्प मोड़ आया जब 10 मार्च को नंदीग्राम में नामांकन दाखिल कर लौटते हुए ममता बनर्जी के पैर में चोट लग गई। बंगाल की राजनीति की धुरंधर मानी जाने वाली ममता ने चोट के बाद तुरंत ही सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनपर चार-पांच लोगों ने हमला किया, उन्हें धक्का दिया गया और उनकी कार का दरवाजा बंद करने की कोशिश की गई। हालांकि ममता ने इस मामले में किसी भी राजनीतिक दल या नेता का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया। बावजूद इसके विपक्षी दलों में खलबली मच गई।

तृणमूल कांग्रेस की मुखिया 66 वर्षीय ममता को चोट लगने के बाद कोलकाता के सेठ सुखलाल करनानी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती किया गया। यहां उनका इलाज हुआ और फिर शुक्रवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अस्पताल से जारी तस्वीरों में उनके दाएं पैर में प्लास्टर लगा दिखाई दिया। 
विज्ञापन


ममता इस पूरे मामले पर किसी का भी नाम सीधे तौर पर नहीं ले रही हैं लेकिन विपक्षी दल इस मामले पर साजिश की बात करने के साथ ही अधिक प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं। 

कांग्रेस के बंगाल प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी और बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह ने ममता की चोट को ड्रामा बताया और ममता की सियासत का हिस्सा कहा। हालांकि यहां भी अलग-अलग राजनीतिक दल के नेता भले ही ममता पर जुबानी हमला कर रहे हैं लेकिन राजनीतिक दलों के शीर्ष स्तर के नेताओं ने चुप्पी साध रखी है और हादसे की जांच की मांग के साथ ममता के लिए सहानुभूति जता रहे हैं। 

इन सबसे अलग टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जमीन पर उतरकर इस मामले को भुनाने का प्रयास भी शुरू कर दिया है। टीएमसी के कार्यकर्ता जहां भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं तो वहीं भाजपा के कार्यकर्ता भी इसपर पलटवार कर रहे हैं। दोनों ही पार्टियों ने अपने-अपने तरफ से चुनाव आयोग से शिकायत की है और उसकी जांच की मांग की है। इस मामले पर खुद चुनाव आयोग ने भी राज्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। 

कुल मिलाकर इस पूरी घटना के पीछे चाहे जो भी वजह हो, मामला पूरी तरह से राजनीतिक हो गया है और विभिन्न दलों ने इसे अपने-अपने हिसाब से भुनाना भी शुरू कर दिया है।

बता दें कि बंगाल के 294 विधानसभा सीटों के लिए 28 अप्रैल से आठ चरणों में चुनाव होना है। इसके बाद यहां दो मई को वोटों की गिनती होगी। चुनाव में सत्तारूढ़ दल टीएमसी और भाजपा में कड़ी टक्कर है और दोनों ही पार्टियां सरकार बनाने का दावा कर रही हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें