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Bengal: सोना पप्पू और शांतनु सिन्हा के नौ ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, कोलकाता पुलिस के SI के घर भी पहुंची टीम

Fri, 22 May 2026 05:58 PM IST
Rahul Kumar अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता

सार

ईडी ने ‘सोना पप्पू’ जमीन कब्जा और उगाही मामले में कोलकाता-मुर्शिदाबाद समेत नौ ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार पूर्व डीसी शांतनु सिन्हा विश्वास के आवास पर भी टीम पहुंची।

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शांतनु सिन्हा, डिप्टी पुलिस कमिश्नर - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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बहुचर्चित ‘सोना पप्पू’ जमीन कब्जा और उगाही मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार तड़के पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया। कोलकाता और मुर्शिदाबाद समेत नौ ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। जांच एजेंसी ने दक्षिण कोलकाता के चक्रबेड़िया, कसबा और मध्य कोलकाता के रॉयड स्ट्रीट सहित कई इलाकों में तलाशी ली।

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ईडी की एक टीम मुर्शिदाबाद जिले के कांदी स्थित कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा विश्वास के आलीशान आवास पर भी पहुंची। शांतनु सिन्हा विश्वास को पहले ही इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है और वह फिलहाल ईडी की हिरासत में हैं।

सूत्रों के अनुसार, चक्रबेड़िया इलाके में एक कारोबारी के साथ ‘सोना पप्पू’ उर्फ विश्वजीत पोद्दार के करीबी संबंधों की जानकारी मिलने के बाद वहां छापेमारी की गई। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अवैध धन का निवेश किन माध्यमों से किया गया।
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कसबा इलाके में कोलकाता पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर के घर पर भी ईडी की टीम पहुंची। जांचकर्ताओं का दावा है कि उक्त पुलिस अधिकारी के शांतनु सिन्हा विश्वास से करीबी संबंध थे। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, सोना पप्पू, रियल एस्टेट कारोबारी जय कामदार और पूर्व डीसी शांतनु सिन्हा विश्वास ने मिलकर जमीन कब्जा, उगाही और अवैध निर्माण से जुड़ा एक संगठित नेटवर्क तैयार किया था। 

आरोप है कि लोगों को डराकर कम कीमत पर जमीन खरीदी जाती थी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्तियों पर कब्जा किया जाता था। जरूरत पड़ने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी भी दी जाती थी। ईडी सूत्रों का कहना है कि सोना पप्पू से पूछताछ में कई नए सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर यह नई छापेमारी की गई। जांच में हवाला लेन-देन और प्रभावशाली लोगों तक पैसे पहुंचाने के संकेत भी मिले हैं।

बताया गया कि गोलपार्क के कांकुलिया इलाके में बमबाजी और गोलीबारी की घटना के बाद से सोना पप्पू फरार चल रहा था। ईडी ने उसे कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह लगातार बचता रहा। आखिरकार 18 मई को वह अपनी पत्नी के साथ ईडी कार्यालय पहुंचा, जहां लंबी पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले ईडी ने उसके ठिकानों से नकदी, हथियार और सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि निर्माण कंपनियों से भारी रकम वसूली जाती थी और यह पैसा कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाया जाता था। ईडी अब जब्त दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और संपत्ति रिकॉर्ड की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

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