पश्चिम बंगाल में उत्तर 24 परगना जिले की एक अदालत ने लश्कर-ए-ताइबा के सदस्य शेख अब्दुल्ला नईम उर्फ शेख समीर को राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। बनगांव फास्ट ट्रैक अदालत के अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश विनय कुमार पाठक ने समीर को दोषी पाए जाने के बाद उसे मौत की सजा देने का एलान किया।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने अप्रैल, 2007 में समीर समेत चार लोगों को लश्कर-ए-ताइबा का सदस्य होने के संदेह पर पकड़ा था और पुलिस के हवाले कर दिया था। इस मामले की जांच करने वाले खुफिया विभाग ने उनको हथियार व गोला-बारूद खरीदने के अलावा राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया था। बाकी तीन अभियुक्तों मोहम्मद युनूस, शेख अब्दुल्ला और मुजफ्फर अहमद राठौड़ को बीते साल इसी अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी।