पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए अब राज्य का मुख्य सचिव बना दिया गया है। शुभेंदु अधिकारी की नवनिर्वाचित सरकार की ओर से इसे लेकर आदेश जारी कर दिया गया है। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए राज्य विधानसभा चुनावों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का सफलतापूर्वक पर्यवेक्षण किया था। यह नियुक्ति 11 मई, 2026 से प्रभावी होगी।
इस पदोन्नति के साथ, मनोज कुमार अग्रवाल राज्य के सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाले नौकरशाह बन गए हैं। यह उनके राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद से सबसे वरिष्ठ प्रशासनिक पद तक की एक तेज गति वाली यात्रा को दर्शाता है।
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कौन हैं मनोज कुमार अग्रवाल?
मनोज कुमार अग्रवाल 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं और पश्चिम बंगाल कैडर से हैं। उनके पास जिला प्रशासन, केंद्र सरकार में तैनाती और राज्य स्तर पर वरिष्ठ भूमिकाओं सहित तीन दशकों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव है।
उन्हें मार्च 2025 में भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने फरवरी 2017 से इस पद पर रहे आरिफ आफताब का स्थान लिया, जो दिसंबर 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में, अग्रवाल राज्य सचिवालय में चुनाव विभाग के प्रभारी अतिरिक्त मुख्य सचिव का अतिरिक्त पद भी संभाल रहे थे।
एसआईआर से लेकर विधानसभा चुनाव तक की देखरेख की निभाई जिम्मेदारी
अपने कार्यकाल के दौरान, अग्रवाल ने विशेष गहन पुनरीक्षण का पर्यवेक्षण किया, जिसमें घर-घर जाकर गणना, पूर्व-भरे मतदाता फॉर्म और मौजूदा मतदाता डेटा का सत्यापन शामिल था। उन्होंने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के संचालन की भी देखरेख की।
तीन दशक का प्रशासनिक अनुभव
अपने चुनावी कार्यकाल से पहले, अग्रवाल वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत थे, जिसके साथ उनके पास अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं का भी अतिरिक्त प्रभार था। उनकी पिछली महत्वपूर्ण नियुक्तियों में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में प्रधान सचिव और आयुक्त (2017-2020) तथा कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग में प्रधान सचिव (2014-2017) शामिल हैं।
उन्होंने शहरी विकास, जन शिक्षा विस्तार और तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभागों में भी वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 2009 से 2010 तक दिल्ली विकास प्राधिकरण में भूमि निपटान आयुक्त के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
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केंद्र सरकार स्तर पर, अग्रवाल ने 2004 से 2009 के बीच जल संसाधन और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालयों में निजी सचिव के रूप में कार्य किया। उन्होंने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में उप सचिव के पद पर भी कार्य किया है। जिला स्तर पर भी उनका करियर काफी विस्तृत रहा है, जिसमें उत्तर दिनाजपुर और बर्धमान में जिला मजिस्ट्रेट, बर्धमान में उप-मंडल अधिकारी और जलपाईगुड़ी में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद शामिल हैं।
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