दक्षिण 24 परगना के प्रदीप कर की मौत के विरोध में प्रस्तावित विरोध रैली को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को भाजपा को बड़ी राहत दी। पुलिस की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बाद भाजपा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। न्यायमूर्ति कौशिक चंद्र की खंडपीठ ने मंगलवार को सोदपुर से अगरपाड़ा तेंतुलतला बस अड्डे तक प्रदर्शन निकालने की सशर्त अनुमति दे दी।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि भाजपा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन रैली निकाल सकेगी। इस दौरान अधिकतम 1000 लोग ही शामिल होंगे। कार्यक्रम समाप्ति पर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी संक्षिप्त भाषण दे सकेंगे। अदालत ने आयोजकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि रैली के कारण आम जनता को कोई असुविधा न हो। साथ ही पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने इस विरोध रैली पर आपत्ति जताते हुए सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था। लेकिन अदालत ने राज्य की आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जताना लोकतांत्रिक अधिकार है।
प्रदीप कर की मौत का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि राज्य में एसआईआर की घोषणा के बाद एनआरसी को लेकर फैले भय में प्रदीप कर ने आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें इसी आशंका का जिक्र है। हालांकि उस नोट की लिखावट को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। फॉरेंसिक टीम ने नमूने एकत्र कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं, परिवार की ओर से आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप दर्ज कराया गया है। भाजपा ने इस घटना को “फॉल्स केस” करार दिया है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, जब प्रदीप कर का नाम 2002 की वोटर लिस्ट में दर्ज है, तो वे एनआरसी के डर से आत्महत्या क्यों करेंगे। इसी मुद्दे पर मंगलवार को सोदपुर से अगरपाड़ा तक भाजपा का विरोध रैली निकलेगा।