फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंगालः दुर्गा पूजा अनुदान पर कलकत्ता हाईकोर्ट का सख्त निर्देश, कहा- पिछला हिसाब दिए बिना नहीं मिलेगा नया फंड

Wed, 27 Aug 2025 07:01 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
विज्ञापन
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को दिया निर्देश - फोटो : ANI
विज्ञापन

दुर्गा पूजा समितियों को मिलने वाले सरकारी अनुदान को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने साफ कर दिया है कि पिछले साल मिले अनुदान का पूरा हिसाब-किताब दिए बिना किसी भी क्लब को नया अनुदान नहीं मिलेगा। इसे बंगाल सरकार के लिए बड़े झटके रूप में देखा जा रहा है।

विज्ञापन


बुधवार को न्यायमूर्ति सुजय पाल और न्यायमूर्ति स्मिता दास डे की बेंच ने कहा कि सरकारी पैसे का इस तरह बेतरतीब खर्च नहीं हो सकता। जिन क्लबों ने अब तक बीते साल का हिसाब नहीं दिया है, उन्हें एक महीने की मोहलत दी गई है। तय समय सीमा में उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) जमा करने वाले क्लबों को ही इस साल का अनुदान मिलेगा।

राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि साल 2024 में कोलकाता पुलिस इलाके की 2,876 पूजा समितियों को अनुदान दिया गया था और सभी ने उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा किया है। वहीं, जिलों में 41,799 चेक जारी किए गए, जिनमें से 41,795 क्लबों ने अनुदान लिया और 41,792 ने हिसाब भी दिया। केवल सिलिगुड़ी पुलिस के अधीन तीन क्लबों ने अब तक प्रमाणपत्र नहीं सौंपा है।
विज्ञापन


इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा था कि राज्य को प्रत्येक आयोजक को 10 लाख रुपये देने पर विचार करना चाहिए, क्योंकि यह पूजा के आयोजन के अनुरूप होगा। 85 हजार रुपये आवश्यक व्यय की तुलना में कुछ भी नहीं है। न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने पिछले दो वर्षों में कई दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा किया और महसूस किया कि 85,000 रुपये आयोजन में किए गए खर्च के लिए कुछ भी नहीं है।  बता दें कि पिछले साल प्रति क्लब 85,000 रुपये का अनुदान दिया गया था, जबकि इस साल यह राशि बढ़ाकर 1,10,000 रुपये कर दी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें