भाजपा के वरिष्ठ नेताओं दिलीप घोष और सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने के बाद पार्टी के यूथ विंग के प्रमुख सौमित्र खान ने रविवार (25 जुलाई) को सार्वजनिक माफी की पेशकश की। साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खिलाफ अभियान को और तेज करने की कसमें खाईं। खान ने पार्टी यूथ विंग की मीटिंग के दौरान कहा, 'मेरे हिसाब से फेसबुक पर दिया गया बयान 'ब्लंडर' था।' उन्होंने दोनों नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं यहां एक माफी की पेशकश करता हूं, आपसे माफी मांगता हूं। मुझे सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थीं।'
पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद की कथित हिंसा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि मनीष शुक्ला जैसे नेताओं की मौत व्यर्थ नहीं जाएगी। बीते साल 2020 के अक्टूबर में बदमाशों ने नॉर्थ 24 परगना जिले के टीटागढ़ में एक स्थानीय नेता मनीष शुक्ला की हत्या कर दी थी। उन्होंने आगे कहा, 'अगर 'टीएमसी 211 विधानसभा क्षेत्रों को सुरक्षित कर सकती है तो हम भविष्य में 250 सीटों को क्यों सुरक्षित नहीं कर सकते? हमें आगे बढ़ने की आवश्यकता है, जो पार्टी का नेतृत्व कर सकते हैं उन्हें कार्यभार सौंपेंगे।'
सुवेंदु अधिकारी पर लगाया था आरोप
इससे पहले इसी महीने फेसबुक पर उन्होंने कहा था, 'कोई एक नेता लगातार दिल्ली का दौरा करता है और पार्टी की हरेक सफलता के क्रेडिट का दावा करता है।' उन्होंने दावा किया कि राज्य में विपक्ष के नेता (सुवेंदु अधिकारी) को आईने में देखना चाहिए। वह नई दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को गुमराह कर रहे हैं और खुद को बंगाल में पार्टी का सबसे बड़ा नेता मान रहे हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए खान ने कहा, 'जो होता है उन्हें उसका आधा ही समझ में आता है। वह यह सब नहीं समझेंगे।' इससे पहले रविवार को सौमित्र खान, दिलीप घोष के साथ बैठकर चुटकुलों का आदान-प्रदान करते हुए नजर आए थे। इसके बाद घोष ने पत्रकारों को बताया था, 'सौमित्र एक इमोशनल व्यक्ति हैं। उनके प्रति कोई दुर्भावना नहीं हैं। वह युवा मोर्चा का नेतृत्व करते रहेंगे।'