प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मजूमदार ने कहा, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दुर्गा पूजा लगातार कम से कम तीन वर्षों तक आयोजित की जानी चाहिए। इसलिए यह आखिरी साल होगा और हम वित्त संकट की वजह से अगले साल से इसका आयोजन नहीं करेंगे।
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने खुद की दुर्गा पूजा आयोजित करना शुरू किया था। भाजपा राज्य में दुर्गा पूजा आयोजित करने वाली पहली राजनीतिक पार्टी बन गई थी। लेकिन अब पार्टी ने इस प्रथा को अगले साल से बंद करने का फैसला किया है।
विज्ञापन
पार्टी ने इस फैसले के पीछे की वजह को आर्थिक संकट बताया है। हालांकि, पार्टी के सूत्रों के मुताबिक इस बात पर अंदरूनी बहस हुई कि क्या एक राजनीतिक पार्टी को दुर्गा पूजा का आयोजन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी को अब राज्य में अपनी 'बंगालीयता' साबित करने की जरूरत नहीं है। यहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा भाजपा को 'बाहरी पार्टी' के रूप में लेबल किया गया था।
पश्चिम बंगाल भाजपा ने हाल ही में दुर्गा पूजा के लिए एक 28 वर्षीय गैर-ब्राह्मण महिला पुजारी सुलता मंडल को चुना है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार शनिवार को इस आयोजन का उद्घाटन करेंगे। बता दें कि पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले 2020 में कोलकता के ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर (ईजेडसीसी) में पूजा का आयोजन किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र ने इस आयोजन का उद्घाटन किया था। इसके बाद अगले साल यानि 2021 में भी पार्टी ने खुद की दुर्गा पूजा आयोजित की।
विज्ञापन
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मजूमदार ने कहा, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दुर्गा पूजा लगातार कम से कम तीन वर्षों तक आयोजित की जानी चाहिए। इसलिए यह आखिरी साल होगा और हम वित्तीय संकट की वजह से अगले साल से इसका आयोजन नहीं करेंगे।
वहीं पार्टी प्रदेश महासचिव अग्निमित्र पॉल ने कहा कि जबसे पूजा शुरू हुई है, पार्टी के भीतर इसको लेकर दो विचार हैं कि क्या उसे दुर्गा पूजा का आयोजन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शायद इस विचार ने जोर पकड़ लिया है कि एक राजनीतिक दल का काम दुर्गा पूजा आयोजित करना नहीं है, बल्कि जन आंदोलन और राजनीतिक कार्यक्रम करना है।