भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के लिए वाहन डिजाइन-निर्माण किया है। इससे प्रतिक्रिया बल को खतरनाक रसायनों, जैविक या रेडियोलॉजिकल पदार्थों से निपटने में आसानी होगी। बीईएल की पुणे इकाई ने एनडीआरएफ के लिए पहला सीबीआरएन हैजमैट वाहन को हरी झंडी दिखाई है।
वाहन में विशाल ऑपरेटर कंपार्टमेंट की सुविधा
बीईएल ने बुधवार को विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है। विज्ञप्ति में बीईएल ने वाहन के निर्माण को मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धि बताया है। वाहन का उपयोग खतरनाक रासायनिक, जैविक या रेडियोलॉजिकल घटनाओं का पता लगाने के लिए किया जाएगा। वाहन में विशाल ऑपरेटर कंपार्टमेंट है। यह रासायनिक-जैविक-विकिरण-परमाणु पहचान और पहचान सेंसर की एक विस्तृत श्रृंखला लैस है।
इन उन्नत तकनीकों से लैस है वाहन
विज्ञप्ति के अनुसार, वाहन में एक थर्मल इमेजर है, जिस वजह से रात में चीजें देखने में आसानी होती है। सीबीआरएन पैदल चलने में असर्थता होने पर सुविधा प्रदान करेगा। इसे एनबीसी निस्पंदन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जो वाहन को सुरक्षित रखने में बेहतर होगा। यह छह कर्मियों को ताजी हवा प्रदान करेगा। इसके अलावा, वाहन खतरा भविष्यवाणी सॉफ्टवेयर और ऑन-बोर्ड जीपीएस सिस्टम जैसे उन्नत तकनीक से लैस है। वहीं, वाहन में लैस एक तकनीक के कारण स्वास्थ्य को भी लाइव कैप्चर किया जाता है।