दिल्ली में विश्व धरोहर समिति का 46वें सत्र
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बीजिंग के ‘सेंट्रल एक्सिस’ को शनिवार को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया। सेंट्रल एक्सिस एक ऐतिहासिक स्थल है, जिसमें शाही महल से लेकर उद्यान, बलिदान संबंधी संरचनाएं और रस्मी व सार्वजनिक इमारतें भी शामिल हैं।
इसके साथ ही जापान के साडो द्वीप की स्वर्ण खदान सहित कई अन्य स्थलों को भी इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है। नयी दिल्ली में जारी विश्व धरोहर समिति के 46वें सत्र के दौरान 26 शिलालेखों को मंजूरी दी गई है।
यूनेस्को ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “विश्व विरासत सूची में शामिल नया स्थल बीजिंग सेंट्रल एक्सिस है। यह चीन की राजधानी के बीच में बना और चीन के आदर्श क्रम को प्रदर्शित करने वाला एक भवन है।”
चीनी और जापानी प्रतिनिधिमंडल ने खुशी जाहिर की
चीनी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। वहीं जापानी प्रतिनिधिमंडल ने यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में साडो द्वीप की स्वर्ण खदान को शामिल किए जाने पर धन्यवाद दिया। निगाता प्रान्त तट से लगभग 35 किलोमीटर पश्चिम में स्थित साडो द्वीप पर स्वर्ण खदान स्थित है।
नामांकन पर चर्चा के बाद शुक्रवार को सांस्कृतिक श्रेणी में पांच, प्राकृतिक श्रेणी में चार, मिश्रित श्रेणी में दो सहित 13 स्थलों को सूची में जोड़ा गया। अन्य दो शिलालेख सीमाओं में महत्वपूर्ण संशोधन से संबंधित थे।
इन स्थलों के अलावा शनिवार को रूस के केनोजेरो झील के सांस्कृतिक परिदृश्य, जर्मनी के श्वेरिन निवास समूह, सऊदी अरब में अल-फौ पुरातत्व क्षेत्र के सांस्कृतिक परिदृश्य और रोमानिया में रोमन साम्राज्य के सीमांत - दासिया - और कई अन्य स्थलों को भी प्रतिष्ठित सूची में जोड़ा गया था।
भारत के ‘मोइदम’ और अमेरिका की ‘मोरावियन चर्च सेटलमेंट’ सहित कई स्थलों को शुक्रवार को विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया। नई दिल्ली में अन्य देशों द्वारा भेजे गए नामांकनों की जांच करने के लिए एक सत्र चल रहा है।