कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को एक वीडियो जारी कर ये दावा किया था कि नोटबंदी के बाद भी 40 फीसदी कमीशन के साथ करेंसी नोट बदले गए थे। विपक्षी दलों की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि, देश की जनता का पैसा लूटा गया है और ये देशद्रोह है।
इस वीडियो में कथित तौर पर दिखाया गया है कि अहमदाबाद के पास भाजपा के एक कार्यकर्ता ने 40 फीसदी कमीशन के बदले पांच करोड़ रुपये मूल्य के चलन से बाहर हो चुके करेंसी नोट बदले थे। हालांकि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने वीडियो को सत्यापित करने और इसकी जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और कहा कि इसे एक समाचार पोर्टल से डाउनलोड किया गया है।
सिब्बल ने कहा, "मैं इसे कैसे सत्यापित कर सकता हूं? मैं इस वीडियो का मालिक नहीं हूं। ये वेबसाइट में है। आप बातचीत देख सकते हैं। व्यक्ति को देख सकते हैं। आप व्यक्ति को बात करते हुए देख सकते हैं। आप अदला बदली देख सकते हैं। आप उनकी भाषा देख सकते हैं। आप नोट देख सकते हैं। लेकिन अब भी अगर आपको संदेह है, तो ये आप पर निर्भर करता है।"
ये वही वेबसाइट है जिसने 21 जनवरी, 2019 को हुई लंदन प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो जारी किया था। इस प्रेस कांन्फ्रेंस में सिब्बल भी थे। इसी वीडियो में अमेरिका के एक विशेषज्ञ ने दावा किया था कि भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनावों को जीतने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) हैक की थीं। लेकिन बाद में चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया था।
अंग्रेजी समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वीडियो को बनाने वाली कंपनी का नाम ट्राइकलर है। जब अखबार के रिपोर्टर ने वेबसाइट के फेसबुक पेज पर दिए नंबर पर फोन किया तो कैथरीन नामक महिला ने फोन उठाया। उसने बताया, "हमने जनवरी से अप्रैल, 2017 के बीच (नोटबंदी) स्टिंग ऑपरेशन करने के लिए कनाडा से एक टीम भेजी थी।"