RSS: आरएसएस ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों के लिए न्याय की शुरुआत बताया। भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने भी शामिल थे। आरएसएस और वीएचपी ने इसे कामयाब बदला बताया और भारतीय सेना की सराहना की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बुधवार को कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों के लिए न्याय की शुरुआत है। पहलगाम हमले का जवाब देते हुए भारतीय सेना ने बुधवार को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय मुरीदके शामिल था।
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आरएसएस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख सुनील आंबेकर ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'पहलगाम के पीड़ितों के लिए न्याय की शुरुआत- 'ऑपरेशन सिंदूर'। न्याय मिला। देश समर्थन करता है। जय हिंद। भारत माता की जय।' दो हफ्ते पहले दक्षिण पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी। इनमें से अधिकांश पर्यटक थे।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत निशाना बनाए गए नौ ठिकानों में से चार पाकिस्तान और पांच पीओके में थे। इन ठिकानों का चयन भारतीय वायु सेना ने खुफिया जानकारी के आधार पर किया। आतंकी शिविर स्वास्थ्य केंद्रों के छिपाकर बनाए गए थे। वहीं, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने कहा कि भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए पहलगाम आतंकवादी हमले का सफल बदला लिया।
आरएसएस ने एक्स पर अपनी पोस्ट में भारतीय सेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के लिए बधाई दी और कहा, 'जिहादी पाकिस्तान के घर में घुसकर और आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर हमारी बहादुर सेना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसी ने भारत को उकसाया, तो हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे।'