परिवर्तन प्रकृति का नियम है, यह तथ्य आज कला और संस्कृति के लिए भी लागू होता है। थिएटर की पैदाइश तो हमारी भारतीय संस्कृति में युगों पहले हो गई थी, लेकिन अब इसकी शक्ल में परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
इसी परिवर्तन का एक नया चेहरा थिएटर में आर्ट का इंटरफेरेंस है। इन दिनों मुंबई के आर्टिस्ट मनोज मौर्या द्वारा थिएटर प्ले 'एक कंठ विषपायी' के पोस्टर के लिए बनाया गया इलस्ट्रेशन आर्ट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन हुआ है।
यह इलस्ट्रेशन एब्स्ट्रैक्ट आर्ट फॉर्म में है। नाटक के पोस्टर में संसार के रचयिता भगवान शिव और विनाश की ओर जाता हुआ संसार का अद्भुत समागम प्रस्तुत किया गया है।