राज्यसभा सांसद हरिवंश प्रसाद सिंह और मनोज झा
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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्ष के महागठबंधन के बीच जोर आजमाइश 14 सितंबर को राज्यसभा में देखने को मिलेगी। दरअसल, राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव होना है। इस पद की दौड़ में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राज्यसभा सांसद हरिवंश प्रसाद सिंह ने पहले ही बतौर एनडीए उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर दिया है। वहीं, विपक्ष की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सांसद मनोज कुमार झा को अपना उम्मीदवार बनाने की चर्चा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मनोज झा 11 सितंबर को उपसभापति के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। इसके साथ ही यह लड़ाई और दिलचस्प हो जाएगी, क्योंकि दोनों उम्मीदवार बिहार से हैं और बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसमें जेडीयू बनाम आरजेडी का मुकाबला प्रभावी रूप से होगा।
विपक्ष ने पहले द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सांसद तिरुचि शिवा के नाम पर चर्चा की थी, लेकिन तमिलनाडु के उच्च सदन के नेता ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। मनोज झा पहली बार राज्यसभा पहुंचे हैं। उन्हें एक कुशल प्रवक्ता के तौर पर जाना जाता है। साथ ही उनकी ईमानदारी की भी चर्चा होती रहती है।
राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं। इनमें से 116 सांसद एनडीए के हैं। इसके अलावा बीजू जनता दल (बीजद), वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति सहित अन्य दलों से समर्थन मिलने की संभावना है। ऐसे में एनडीए उम्मीदवार की जीत की संभावना ज्यादा है।
बता दें कि हरिवंश प्रसाद पहले भी 2018 में एक बार राज्यसभा के उपसभापति चुने जा चुके हैं। एनडीए के उम्मीदवार के रूप मे उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार बीके हरि प्रसाद को हराया था। उस समय हरिवंश को 125 वोट मिले थे, जबकि बीके हरिप्रसाद को 105 वोट मिले थे। 2014 में हरिवंश बिहार से राज्यसभा के लिए चुने गए थे । हरिवंश पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के अतिरिक्त सूचना सलाहकार भी रह चुके हैं।