महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे ने महाराष्ट्र सरकार (फडणवीस सरकार) से बीड में सरपंच की हत्या करने वालों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर फांसी की सजा देने की मांग की। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात की। उन्होंने बताया कि अपराध जांच विभाग (सीआईडी) सरपंच हत्या मामले की सही तरीके से जांच कर रहा है। विपक्ष सरपंच की हत्या के मामले में धनंजय मुंडे के करीबी वाल्मिक कराड के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग कर रहा है। बता दें कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया था कि करोड ही सरपंच की हत्या का मास्टरमाइंड था।
धनंजय मुंडे ने कहा, "सरपंच संतोष देशमुख की हत्या करने वालों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर फांसी की सजा दी जानी चाहिए। मैंने नागपुर में विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने की मांग की थी।"
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने की बीड से बाहर सुनवाई की मांग
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि इस मामले की सुनवाई बीड जिले से बाहर होनी चाहिए। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि राकांपा मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी वाल्मिक कराड को जब सरपंच की हत्या से जुड़े जबरन वसूली मामले में सरेंडर करने के बाद बीड की एक अदालत में पेश किया गया तो सरकारी अभियोजक ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया। उन्होंने इसके पीछे का भी कारण पूछा।
शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने कहा, "संतोष देशमुख हत्याकांड की सुनवाई बीड जिले के बाहर होनी चाहिए।" इसके साथ ही उन्होंने सरपंच हत्या मामले की जांच के लिए गठित की गई 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) पर भी संदेह जताया। उन्होंने कहा, इस मामले की जांच करने वाले अधिकांश अधिकारी बीड से हैं। कराड के खिलाफ कार्रवाई करने से इनकार करने वाले पुलिस कर्मियों को जांच टीम में शामिल किया जा रहा है। यहां सब कुछ स्क्रिप्टेड लग रहा है। दानवे ने सीआईडी से कराड के कॉल रिकॉर्ड को भी सार्वजनिक करने की मांग की।
पिछले महीने हुई थी सरपंच की हत्या
बता दें कि पिछले महीने नौ दिसंबर को बीड जिले की केज तहसील के मसजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई। इस मामले के 22 दिन बाद जबरन वसूली के केस में कराड ने राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के समक्ष खुद को सरेंडर कर दिया।
बता दें कि इस मामले की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को एसआईटी का गठन किया। राज्य गृह विभाग द्वारा जारी एक आदेश में बताया गया कि एसआईटी का नेतृत्व सीआईडी के उप महानिरीक्षक बसवराज तेली करेंगे।
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