पाकिस्तान की जेलों में बंद भारतीय मछुआरों को सर्जिकल स्ट्राइक की घटना के बाद अक्सर पीटा जाता था। यह खुलासा पाकिस्तान की जेलों में कैद रहे और हाल ही में छूटकर आये भारतीय मछुआरों ने किया है। गुजरात के नवासरी के निवासी तथा 25 दिसंबर को छूटकर आये रामचंद्र पटेल ने बताया कि इस घटना के बाद उन लोगों से दो शिफ्टों में काम कराया जाता था तथा जेल के अन्य कैदी अक्सर उनकी पीटाई किया करते थे।
उन्होंने बताया कि शुरुआत के दिनों में बॉलीवुड फिल्में भी देखने दी जाती थी पर बाद में सिर्फ पाकिस्तानी फिल्में ही दिखाई जाने लगी। इसके लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से निवेदन भी किया गया था कि उन लोगों को भारतीय फिल्में देखने दी जाए।
उधर गुजरात फिशरमेन एसोसिएशन के उपाध्यक्ष वेल्जी मसानी ने एक मछुआरे भगवान सोलंकी को जेल में पक्षाघात का शिकार होने का हवाला देते हुए कहा जेल प्राधिकरण को इसके लिए जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि सोलंकी का स्वास्थ्य काफी बुरी स्थिति में है क्योंकि जेल में वह पक्षाघात का शिकार हो गया था। एक स्वस्थ आदमी को पक्षाघात कैसे आ सकता है?