फेसबुक पर ‘लाइक’ का जुनून आपको जेल की हवा खिला सकता है। इसी जुनून के चक्कर में एक मैनजमेंट गुरु व लेखक प्रो. हरि कृष्णा परेशानी में पड़ गए हें। मैनजमेंट गुरु पर राष्ट्रपति और
प्रधानमंत्री का फर्जी लेटर बनाने और उसे अपने फेसबुक पोस्ट पर डालने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रो. हरि कृष्णा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। प्रो. हरि कृष्णा कई किताब लिख चुके हैं।
न्यायमूर्ति एनवी रमण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने प्रो. हरि कृष्णा की अग्रिम जमानत याचिका करते हए उनसे कहा कि आखिर आपको ऐसा करने की क्या जरूरत थी। आपने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की फर्जी लेटर क्यों बनाए। पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील के उस आग्रह को ठुकरा दिया कि अगर उनकेमुवक्किल प्रोफेसर को गिरफ्तारी से संरक्षण मिल जाता है तो वह दिल्ली पुलिस केसमक्ष समर्पण करने के लिए तैयार हैं। वकील ने पीठ से यह विनती की कि अगर उन्हें जमानत नहीं दी जाती है उनकी शोहरत और छवि मिट्टी में मिल जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है।