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फेसबुक पर लाइक बटोरने वाले हो जाएं अब सावधान, जाना पड़ सकता है जेल

Sun, 28 Jan 2018 12:00 AM IST
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली
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fake facebook account
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फेसबुक पर ‘लाइक’ का जुनून आपको जेल की हवा खिला सकता है। इसी जुनून के चक्कर में एक मैनजमेंट गुरु व लेखक प्रो. हरि कृष्णा परेशानी में पड़ गए हें। मैनजमेंट गुरु पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का फर्जी लेटर बनाने और उसे अपने फेसबुक पोस्ट पर डालने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रो. हरि कृष्णा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। प्रो. हरि कृष्णा कई किताब लिख चुके हैं।
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न्यायमूर्ति एनवी रमण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने प्रो. हरि कृष्णा की अग्रिम जमानत याचिका करते हए उनसे कहा कि आखिर आपको ऐसा करने की क्या जरूरत थी। आपने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की फर्जी लेटर क्यों बनाए। पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील के उस आग्रह को ठुकरा दिया कि अगर उनकेमुवक्किल प्रोफेसर को गिरफ्तारी से संरक्षण मिल जाता है तो वह दिल्ली पुलिस केसमक्ष समर्पण करने के लिए तैयार हैं। वकील ने पीठ से यह विनती की कि अगर उन्हें जमानत नहीं दी जाती है उनकी शोहरत और छवि मिट्टी में मिल जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। 
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पीठ ने प्रोफसर को किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया

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उन्होंने कहा कि वह जमानत मिलने पर भाग कर कहीं नहीं जाने वाले नहीं हैं। वह जांच एजेंसी को हर वह दस्तावेज सौंपने के तैयार है, जिसकी एजेंसी को दरकार है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस कथित अपराध से उन्हें कोई वित्तीय लाभ नहीं हुआ हे। लेकिन पीठ ने प्रोफसर को किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया। 

गत वर्ष 18 मई को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने राष्ट्रपति सचिवालय से मिली शिकायत केआधार पर एफआईआर दर्ज की थी। राष्ट्रपति सचिवालय को शेखर भट्टाचार्य नामक एक शख्स का ई-मेल मिला था। ई-मेल में कहा गया था कि अपनी किताब का डिजिटल प्रमोशन करने के उद्देश्य से प्रो. हरि कृष्णा ने राष्ट्रपति का फर्जी एप्रीसिएशन लेटर अपने फेसबुक पर पोस्ट किया है। बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री का भी इसी तरह का फर्जी एप्रीसिएशन लेटर अपने फेसबुक पर पोस्ट किया। 
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