भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के छात्र संघ ने 2002 के गुजरात दंगों परक बीबीसी की विवादस्पद डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की।
एफटीआईआई छात्र संघ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 26 जनवरी 2023 को हमने एफटीआईआई में बीबीसी की प्रतिबंधित डॉक्यूमेंट्री 'इंडिया: द मोदी क्वेशन' दिखाई। केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते इस डॉक्यूमेंट्री के लिंक को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर और यूट्यूब पर ब्लॉक करने का निर्देश दिया था।
विदेश मंत्रालय ने इसे 'प्रोपैगेंडा पीस' बताकर खारिज कर दिया था। मंत्रालय ने कहा था कि डॉक्यूमेंट्री में निष्पक्षता का अभाव है और यह औपनिवेशिक मानसिकता को दिखाता है।
छात्र संघ ने बयान में कहा, इतिहास में साहित्य, संगीत और हाल के दिनों में मीडिया पर प्रतिबंध एक ढहते समाज का संकेत है। उन्होंने कहा, हमारे निर्वाचित प्रतिनिधियों के द्वारा जांच के काम का स्वागत किया जाना चाहिए। इसके बजाए वे इसे झूठे प्रचार के रूप में टैग कर रहे हैं और इसे नीचे धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें पता होना चाहिए कि किसी चीज को देखे जाने का तरीका उस पर प्रतिबंध लगाना है।
एफटीआईआई के रजिस्ट्रार सैय्यद रबी हाशमी ने कहा, यह बताया जा रहा है कि छात्रों के एक समूह ने डॉक्यूमेंट्री दिखाई। मामले को देखा जाएगा।
पिछले कुछ दिनों में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय राजधानी में अंबेडकर विश्वविद्यालय सहित कई शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों ने बीबीसी की विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री दिखाने की कोशिश की है। केरल में कांग्रेस ने गुरुवार को इस कार्यक्रम की स्क्रीनिंग की।