राष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश की वर्तमान स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए हर हाल में लड़ाई लड़ने की जरूरत बताई। विपक्ष के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के समर्थन में आयोजित सांसदों की बैठक में उन्होंने वर्तमान सरकर और भाजपा पर तीखा सियासी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि देश में सबकुछ ऐसे लोगों के हाथों में हो जो संकीण मानसिकता रखते हैं। ऐसे समय में जब देश का संविधान और कानून दोनों खतरे में हैं, तब ऐसे तत्वों के खिलाफ हर हाल में लड़ाई लड़ी जानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मीरा कुमार और गोपाल कृष्ण गांधी अच्छे राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति साबित होंगे।
सांसदों को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि वर्तमान समय बेहद चुनौतीपूर्ण है। संविधान और कानून दोनों खतरे में है। हमारा भविष्य और हमारी बुनियादी मूल्य दांव पर हैं। हो सकता है कि कुछ लोग हमारे खिलाफ हों। मगर बांटने की राजनीति करने वालों के खिलाफ लड़ाई लड़ी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित विपक्ष नहीं चाहता कि सबकुछ उनके हाथों में हो जो संकीर्ण नजरिया रखते हैं। बांटने वाले सांप्रदायिक राजनीति करते हैं और संकीर्ण मानसिकता के हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति देश के संवैधानिक मुखिया हैं। कांग्रेस और यहां इकट्ठा हुए दल बांटने की नहीं साथ मिल कर देश को आगे ले जाने की राजनीति में विश्वास व्यक्त करते हैं। इस दौरान उन्होंने भीड़ द्वारा की जा रही हत्याओं का भी जिक्र किया और देश की वर्तमान स्थिति पर चिंता जाहिर की। इस बैठक में विपक्ष के उम्मीदवार को समर्थन देने वाले 16 दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।