पंजाब पुलिस के अतिरिक्त डीजीपी सुरिंद्र पाल सिंह ने यह बात स्वीकार की है कि सैन्य परिसर से दो तीन पहले इन्सास राइफल गायब हुई थी। इसे लेकर प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। इस घटना को अंजाम देने का आरोपी, आर्मी की हिरासत में है। उससे पूछताछ की जा रही है। इस घटना के पीछे एक अन्य शख्स भी बताया जा रहा है। संभव है कि आरोपी ने उसी शख्स की मदद से इन्सास को छिपाने या गायब करने की साजिश रची हो। मारे गए जवानों में ग्रेनेडियर सागर बनी, कमलेश आर, योगेश कुमार जे और संतोष एम शामिल हैं। चूंकि ये घटना, अल सुबह हुई थी और उस वक्त अंधेरा भी था। ऐसे में फायरिंग करने वाले के साथ जो दूसरा व्यक्ति बताया जा रहा है, वह भाग निकला था।
सूत्रों के मुताबिक, वह व्यक्ति सैन्य परिसर में ही कहीं छिप गया था। बठिंडा मिलिट्री स्टेशन के कुछ हिस्से में घने पेड़ हैं। वह हिस्सा जंगल जैसा नजर आता है। इस घटना को लेकर सूत्रों का कहना है कि ये जवानों के बीच आपसी टकराव का नतीजा है। इस बाबत सेना ने अभी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। पुलिस को मामले की जानकारी दी गई है। आर्मी के साथ मिलकर पुलिस, इस केस की जांच में जुटी है। यह पता लगाया जा रहा है कि फायरिंग में जिस गन का इस्तेमाल हुआ है, क्या वह गायब हुई इन्सास ही है। पंजाब की मंत्री अनमोल गगन मान ने एसएसपी से बात करने के बाद कहा, यह एक आंतरिक लड़ाई का मामला है। आर्मी और पुलिस, दोनों आतंकी एंगल से भी मामले की जांच कर रहे हैं। सेना अध्यक्ष ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को घटना की जानकारी से अवगत कराया है।