फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ECI: 'निराधार आरोप कानून के शासन का अपमान', महाराष्ट्र चुनाव को लेकर राहुल के दावों पर निर्वाचन आयोग का बयान

Sat, 07 Jun 2025 03:03 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। निर्वाचन आयोग ने तथ्यों के साथ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के हर दावों को निराधार बताया है और इसे कानून का बताया है। आइए विस्तार से पढ़ते हैं कि चुनाव आयोग ने क्या-क्या कहा है...
विज्ञापन
चुनाव आयोग - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र चुनाव को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। निर्वाचन आयोग ने राहुल के दावों को निराधार करार दिया और इसे कानून के शासन का अपमान बताया। उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और मतदाता सूची को लेकर लगाए गए निराधार आरोप कानून के शासन का अपमान हैं। चुनाव आयोग ने 24 दिसंबर 2024 को ही कांग्रेस को भेजे अपने जवाब में ये सभी तथ्य सामने रखे थे, जो चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। ऐसा लगता है कि बार-बार ऐसे मुद्दे उठाते हुए इन सभी तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है।'

विज्ञापन


चुनाव आयोग ने कहा कि किसी की ओर से फैलाई जा रही कोई भी गलत सूचना न केवल कानून के प्रति अनादर का संकेत है, बल्कि अपने ही राजनीतिक दल की ओर से नियुक्त हजारों प्रतिनिधियों की छवि भी धूमिल करती है। यह लाखों चुनाव कर्मचारियों का मनोबल गिराती है, जो चुनाव के दौरान अथक और पारदर्शी तरीके से काम करते हैं। मतदाताओं की ओर से किसी भी प्रतिकूल फैसले के बाद यह कहकर चुनाव आयोग को बदनाम करने की कोशिश करना पूरी तरह से बेतुका है।

तथ्यों के आधार पर चुनाव आयोग के जवाब
1.
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के दौरान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान केंद्र पर पहुंचे 6,40,87,588 मतदाताओं ने मतदान किया। औसतन प्रति घंटे लगभग 58 लाख वोट डाले गए। इन औसत रुझानों के अनुसार, लगभग 116 लाख मतदाताओं ने अंतिम दो घंटों में मतदान किया होगा। इसलिए दो घंटों में मतदाताओं की ओर से 65 लाख वोट डालना औसत प्रति घंटे मतदान रुझानों से बहुत कम है।
विज्ञापन


2. प्रत्येक मतदान केंद्र पर उम्मीदवारों या राजनीतिक दलों की ओर से औपचारिक रूप से नियुक्त एजेंटों के सामने मतदान आगे बढ़ा। कांग्रेस के नामित उम्मीदवारों या उनके अधिकृत एजेंटों ने अगले दिन रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) और चुनाव पर्यवेक्षकों के सामने जांच के समय किसी भी तरह के असामान्य मतदान के संबंध में कोई आरोप नहीं लगाया।

3. महाराष्ट्र सहित भारत में मतदाता सूचियां जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के अनुसार तैयार की जाती हैं। कानून के अनुसार या तो चुनावों से ठीक पहले और या हर साल एक बार मतदाता सूचियों का विशेष संशोधन किया जाता है और मतदाता सूचियों की अंतिम प्रति भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) सहित सभी राष्ट्रीय या राज्य राजनीतिक दलों को सौंप दी जाती है।

4. महाराष्ट्र चुनावों के दौरान इन मतदाता सूचियों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद 9,77,90,752 मतदाताओं के खिलाफ प्रथम अपीलीय प्राधिकारी (DM) के पास सिर्फ 89 अपीलें दायर की गईं और द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी (CEO) के सिर्फ केवल एक अपील दायर की गई। इसलिए यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के आयोजन से पहले कांग्रेस या किसी अन्य राजनीतिक दल की कोई शिकायत नहीं थी।

5. मतदाता सूची के संशोधन के दौरान 1,00,427 मतदान केंद्रों के लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी की ओर से नियुक्त 97,325 बूथ स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों की ओर से 1,03,727 बूथ स्तर के एजेंट भी नियुक्त किए गए, जिनमें 27,099 कांग्रेस की ओर से नियुक्त किए गए। इसलिए महाराष्ट्र की मतदाता सूची के खिलाफ उठाए गए ये निराधार आरोप कानून के शासन का अपमान हैं।

6. चुनाव आयोग ने 24 दिसंबर 2024 को ही कांग्रेस को दिए अपने जवाब में ये सभी तथ्य सामने रखे थे, जो ईसीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है। ऐसा प्रतीत होता है कि बार-बार ऐसे मुद्दे उठाते समय इन सभी तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है।

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik
चुनाव आयोग ने यह भी कहा 
चुनाव आयोग ने सख्त लहजे में कहा कि भारत में सभी चुनाव कानून के अनुसार होते हैं। भारत में जिस पैमाने और सटीकता से चुनाव होते हैं, उसकी दुनिया भर में प्रशंसा की जाती है। पूरा देश जानता है कि मतदाता सूची तैयार करने, मतदान और मतगणना सहित प्रत्येक चुनाव प्रक्रिया सरकारी कर्मचारियों की ओर से की जाती है और वह भी मतदान केंद्र से लेकर निर्वाचन क्षेत्र स्तर तक राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों की ओर से औपचारिक रूप से नियुक्त अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में। किसी की ओर से फैलाई गई कोई भी गलत सूचना न केवल कानून के प्रति अनादर का संकेत है, बल्कि अपने स्वयं के राजनीतिक दल की ओर से नियुक्त हजारों प्रतिनिधियों को भी बदनाम करती है। यह लाखों चुनाव कर्मचारियों को हतोत्साहित करती है, जो चुनावों के दौरान अथक और पारदर्शी तरीके से काम करते हैं। मतदाताओं की ओर से मनमाफिक फैसला न मिलने के बाद यह कहकर चुनाव आयोग को बदनाम करने की कोशिश करना पूरी तरह से बेतुका है कि यह समझौतावादी है।

राहुल गांधी - फोटो : ANI
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा कि चुनाव कैसे चुराया जाए? 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लोकतंत्र में धांधली करने का ब्लूप्रिंट था। मेरा लेख दिखाता है कि यह कैसे हुआ? अपने लेख के साथ पांच चरणों को उन्होंने साझा किया। राहुल गांधी ने लिखा कि पहला चरण - चुनाव आयोग की नियुक्ति के लिए पैनल में धांधली करना, दूसरा चरण- फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ना, तीसरा चरण- मतदान प्रतिशत को बढ़ाना, चौथा चरण - फर्जी मतदान को ठीक वहीं लक्षित करें, जहां भाजपा को जीतना है और पांचवां चरण सबूत छिपाना।

'महाराष्ट्र की मैच फिक्सिंग अगली बार बिहार में होगी'
राहुल गांधी ने कहा कि यह देखना मुश्किल नहीं है कि भाजपा महाराष्ट्र में इतनी हताश क्यों थी? लेकिन यह धांधली मैच फिक्सिंग की तरह है - जो पक्ष धोखा देता है वह खेल जीत सकता है, लेकिन संस्थानों को नुकसान पहुंचाता है। साथ ही परिणाम में जनता का विश्वास नष्ट करता है। सभी चिंतित भारतीयों को सबूत देखना चाहिए। खुद फैसला करें। जवाब मांगें। क्योंकि महाराष्ट्र की मैच फिक्सिंग अगली बार बिहार में होगी और फिर वहां जहां भाजपा हार रही होगी।
विज्ञापन

चुनाव आयोग - फोटो : ANI
'चुनाव आयोग को औपचारिक रूप से पत्र लिखें
राहुल गांधी की ओर से महाराष्ट्र चुनाव में धांधली का आरोप लगाने वाले अपने लेख पर चुनाव आयोग से जवाब मांगे जाने को लेकर सूत्रों ने रविवार को कहा कि संवैधानिक निकाय तभी जवाब देगा, जब विपक्ष के नेता सीधे उसे पत्र लिखेंगे। यह भी बताया गया कि अपने संपर्क अभियान के तहत चुनाव आयोग ने सभी छह राष्ट्रीय दलों को अलग-अलग बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। पांच ने चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की, जबकि कांग्रेस ने 15 मई की बैठक रद्द कर दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें