पश्चिम बंगाल में 12 साल की बच्ची के दुष्कर्म मामले में टीएमसी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। टीएमसी ने कहा कि यह आपातकाल नहीं है बल्कि यह अति आपातकाल है। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि जब विपक्ष के शासन में दुष्कर्म होता है, तो वह एक बड़ा मुद्दा बन जाता है।
टीएमसी सांसदों ने क्या कहा?
वहीं, इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बारुईपुर जाने से रोके जाने पर टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा, 'यह सिर्फ इमरजेंसी नहीं है। यह 'सुपर इमरजेंसी' है। जो हो रहा है, वह सही नहीं है।' वहीं, सांसद प्रतिमा मंडल कहती हैं, 'यह एक शर्मनाक घटना है और लोकतंत्र की हत्या के बराबर है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को जाने नहीं दिया। ये लोग ममता बनर्जी से डरते हैं। ममता बनर्जी शेरनी हैं।
देश जानता है कि वह क्या कर सकती हैं और विरोध में कैसे खड़ी होती हैं। अगर ममता बनर्जी वहां जाती हैं, तो हजारों लोग उन्हें आशीर्वाद देने और उनके संघर्ष का समर्थन करने के लिए इकट्ठा होंगे। इसीलिए भाजपा और यह सरकार ममता बनर्जी से डरती है।'
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने क्या कहा?
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि जब विपक्ष के शासन में रेप होता है, तो वह एक बड़ा मुद्दा बन जाता है। और सही भी है, जब तक समाज और सरकारें जाग नहीं जातीं, तब तक सभी रेप बड़े मुद्दे बनने चाहिए। लेकिन अगर भाजपा सरकार के शासन में रेप होता है, तो आप विपक्ष को नजरबंद कर देते हैं। सभी रेप समान रूप से भयानक होते हैं। उन्हें इस नजरिए से नहीं देखा जा सकता कि आप किस राजनीतिक पार्टी से जुड़े हैं।'
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने क्या कहा?
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में दुष्कर्म मामले पर बच्ची के परिवार से मिलने की टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की योजना पर मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने आलोचना की। उन्होंंने कहा 'ममता बनर्जी को 15 साल में वहां जाने का समय नहीं मिला। उन 15 वर्षों में कितनी ही घटनाएं हुईं। हर पल दुष्कर्म होते रहे। सिर्फ आपको ही नहीं, आपके मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को भी समय नहीं मिला।
आपको समय मिला मणिपुर जाने के लिए....
उन्होंने आगे कहा, 'अरे, आपको समय तो मिला मणिपुर, उन्नाव और हाथरस जाने का समय मिला। लेकिन बंगाल में पीड़ित लड़कियों और महिलाओं से मिलने का समय आपको नहीं मिला। आपको मामलों को घुमाने-फिराने और उनमें हेर-फेर करने का समय मिला, जैसा आपने आरजी कर घटना और हंसखाली, कामदुनी और पार्क स्ट्रीट जैसी कई अन्य घटनाओं के साथ किया। तब आपको समय नहीं मिला, और आज भी नहीं मिलेगा। आपको वहां जाने नहीं दिया जाएगा।
'आपको राजनीति नहीं करने दी जाएगी'
मंत्री ने आगे कहा कि आपको राजनीति नहीं करने दी जाएगी। आप सरकार के खिलाफ जनता को भड़काने के लिए वहां जाना चाहती हैं। उम्मीद करती हैं कि हम चुपचाप देखते रहेंगे? हम ऐसा नहीं होने देंगे। हमारी मुख्यमंत्री आपकी तरह निष्क्रिय नहीं हैं। यहां समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। आपकी तरह नहीं, ममता बनर्जी, जो वोट बैंक के लिए समझौता करती थीं। महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा या चंद्रिमा भट्टाचार्य को भी पिछले 15 वर्षों में समय नहीं मिल।. लेकिन अब, जब शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार है, तो वह मुस्लिम जनता को भड़काने, आग भड़काने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए तुरंत वहां भागना चाहती हैं। ममता बनर्जी, आपने मुस्लिम समुदाय पर अत्याचार किया है। उन्हें अब यह बात समझ आ रही है।
क्या है मामला?
यह सारा विवाद बच्ची का शव मिलने के कुछ घंटों बाद शुरू हुआ। यह बच्ची एक दिन पहले लापता हो गई थी। उसका शव कोलकाता से करीब 15 किलोमीटर दूर बारुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके में मिला। बच्ची का शव एक बोरे में भरा हुआ था। इसके बाद स्थानीय लोग भड़क गए। लोगों ने सड़कें जाम कर दीं और टायर जलाए। गुस्साए लोगों ने पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। लोग दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे थे।