रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एनडी (एमबीआई) में महाप्रबंधक (क्यूए) कमोडोर मनीष विग ने एलएसएएम-13 के लॉन्चिंग समारोह की अध्यक्षता की। एलएसएएम-13, भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
भारतीय नौसेना में यार्ड-81 से मिसाइल कम एम्युनिशन बार्ज, ‘एलएसएएम-13’ के लॉन्च के साथ उसकी ताकत में महत्वपूर्ण इजाफा हुआ है। मिसाइल कम एम्युनिशन बार्ज परियोजना के तहत पांचवीं उपलब्धि है।
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यह एमएसएमई शिपयार्ड और विशाखापत्तनम स्थित सेकॉन इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स प्रा.लि. (एसईपीपीएल) के बीच एक संयुक्त प्रयास है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एनडी (एमबीआई) में महाप्रबंधक (क्यूए) कमोडोर मनीष विग ने लॉन्चिंग समारोह की अध्यक्षता की। एलएसएएम-13, भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वे जेटी और बाहरी बंदरगाहों दोनों पर भारतीय नौसेना के जहाजों तक आवश्यक वस्तुओं और गोला-बारूद के निर्बाध परिवहन, चढ़ने और उतरने की सुविधा प्रदान करेंगे। स्वदेशी तकनीक से तैयार ये बार्ज भारतीय नौवहन रजिस्टर (आईआरएस) के सख्त नौसेना नियमों और विनियमों का पालन करते हैं।
देश की रक्षा उत्पादन में बढ़ी आत्मनिर्भरता
नौसेना विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल) विशाखापत्तनम में कठोर मॉडल परीक्षण किया गया, जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा के शीर्ष मानकों का अनुपालन सुनिश्चित हुआ। ये उपलब्धियां मेक इन इंडिया पहल के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं। प्रत्येक बार्ज स्वदेशी विशेषज्ञता और नवाचार का प्रमाण है, जो रक्षा उत्पादन में देश की आत्मनिर्भरता में योगदान देता है।