हलाला और अप्राकृतिक संबंधों का आरोप लगाते हुए अपने पति और ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाली शबीना का मामला हाईकोर्ट ने मीडिएशन सेंटर भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इसे वैवाहिक विवाद मानते हुए मुख्य अभियुक्त वसीम को 15 हजार रुपये जमा करने और मीडिएशन सेंटर का फैसला आने तक विवेचना स्थगित रखने का आदेश दिया है।
शबीना की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट को उसके पति वसीम ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस मामले में हाईकोर्ट में बहस के दौरान कहा गया कि यह दोनों पक्षों के बीच वैवाहिक विवाद का मामला है। इसे मीडिएशन सेंटर में भेजकर सुलझाया जा सकता है। कोर्ट ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि समाज के प्रति उसका कर्तव्य है कि रिश्तों में पड़ रही दरारों को कम कराए। यह मामला भी इसी तरह का लगता है, जिसमें पक्षकारों के बीच सुलह की कोशिश की जा सकती है।
कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपी पति वसीम तीन हफ्ते के अंदर 15 हजार रुपये मीडिएशन सेंटर में जमा करे। इस धनराशि में से नब्बे प्रतिशत शबीना को मीडिएशन सेंटर में हाजिर होने से पहले दी जाए। मीडिएशन सेंटर तीन माह के अंदर विवाद निपटाए। कोर्ट ने तब तक दुराचार के मामले की विवेचना पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि अगर 15 हजार रुपये जमा नहीं किए जाते हैं तो विवेचना को स्थगित रखने की अंतरिम व्यवस्था स्वत: समाप्त हो जाएगी।