काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारी और सेवादार अब मोबाइल के साथ बाबा के दरबार में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। पुजारियों समेत कुल 40 से अधिक कर्मियों के मोबाइल के साथ मंदिर में प्रवेश पर शनिवार की शाम रोक लगा दी गई। गर्भगृह में अभिषेक, आरती की वीडियो बनाने, यजमानों के साथ तसवीरें खींचकर फेसबुक एकाउंट पर अपलोड करने की शिकायत के बाद मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी ने यह कदम उठाया।
बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में मंगला आरती, भोग आरती, सप्तर्षि आरती, शृंगार और शयन आरती के अलावा अभिषेक और अन्य उत्सवों की तसवीरें और वीडियो कई पुजारियों के फेसबुक एकाउंट पर अपलोड पाई गई हैं। शिकायत मिली है कि राजनेताओं, रसूखदार यजमानों के आने पर कुछ पुजारी और सेवादार उनकी तसवीरें खींचकर ह्वाट्स एप, ट्वीटर और अन्य सोसल साइट्स पर वायरल करते रहते हैं। जबकि मंदिर के भीतर किसी भी तरह का छायांकन या वीडियो क्लिप बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीईओ ने 22 पुजारियों समेत 40 से अधिक कर्मियों के मोबाइल के साथ मंदिर में प्रवेश करने पर रोक लगा दी। सीईओ ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में अब किसी पुजारी, सेवादार को मोबाइल रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।