आरबीआई ने सालाना रिपोर्ट में उम्मीद जताई कि औद्योगिक गतिविधियों में तेजी और बेहतर मानसून के कारण मौजूदा कारोबारी साल में देश की आर्थिक विकास दर बढ़कर 7.4 फीसदी रह सकती है। आरबीआई ने यह भी कहा कि उसकी मौद्रिक नीति का लक्ष्य होगा मध्यावधि में दो फीसदी की घट-बढ़ के साथ चार फीसदी महंगाई दर को बनाए रखना और विकास को भी आगे बढ़ाना।
आरबीआई का अधिशेष स्थानांतरण 63 फीसदी बढ़ा
आरबीआई ने कहा कि 30 जून, 2018 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के दौरान उसके द्वारा सरकार को अधिशेष का स्थानांतरण 63.08 फीसदी बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये रहा। 2016-17 में सरकार को 30,659 करोड़ रुपये अधिशेष का स्थानांतरण हुआ था। आरबीआई वित्तीय गतिविधियों से पैदा हुई अपनी अधिशेष राशि को हर वित्त वर्ष के अंत में सरकार को हस्तांतरित करता है। आरबीआई जुलाई-जून वित्त वर्ष का पालन करता है।
भारत एफडीआई का पसंदीदा गंतव्य
आरबीआई ने कहा कि भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का पसंदीदा गंतव्य बना हुआ है। इसका कारण घरेलू खपत में मजबूती बरकरार रहना है। सेवा तथा कृषि क्षेत्रों की मदद से निर्माण क्षेत्र की रफ्तार में बढ़ोतरी के साथ ही देश में खपत मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे यह एक आकर्षक निवेश गंतव्य बन गया है। 2017-18 में भारत में 37.3 अरब डॉलर का विदेशी निवेश हुआ, जो 2016-17 में 36.3 अरब डॉलर था।