लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार अटके पड़े फ्लैट्स के काम को पूरा करना चाहती है। इस ओर सरकार ने एक साल पहले ही कदम बढ़ाने शुरू कर दिए थे। अब चार बैंकों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पैसों की कमी के चलते अटके पड़े फ्लैट्स को पूरा करने के लिए फंड देने का ऑफर दिया है। माना जा रहा है कि इन फ्लैट्स को पूरा करने का काम इसी साल से शुरू भी हो जाएगा। बैंकों ने इसके लिए नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) से भी बात की है।
हाल ही में भारतीय बैंकों को बड़े कारोबारियों द्वारा हजारों करोड़ रुपये का घाटा सहना पड़ा है। जिसके चलते अब वह सतर्क है और आगे दोबारा ऐसा न हो इसका पूरा ध्यान रख रहे हैं। बैंकों ने इसके बदले सरकार से शर्त रखी है कि वह तभी फंड देंगे जब अपार्टमेंट और खाली पड़ी जमीन को उनके पास तब तक के लिए गिरवी रखा जाएगा।
बैंका का कहना है कि जब प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे तो वह उन फ्लैट्स को बेचकर अपना पैसा निकालेगा। बैंक केवल उन्हीं प्रोजेक्ट्स को फंड देने के मूड में हैं जिन्हें कहीं और से फंडिंग नहीं मिल रही है। फ्लैट पूरा करने के लिए फंड देने को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक आदि आगे आए हैं।
आम्रपाली ग्रुप के पास 43 हजार फ्लैट फंसे हुए हैं और 10 हजार नए फ्लैट बनाने के लिए जमीन खाली है। जेपी ग्रुप के पास 3,500 एकड़ खाली जमीन है। सूत्रों के अनुसार सुपरटेक, यूनिटेक और 3C ग्रुप के पास भी काफी जमीन खाली पड़ी है, जिसे विकसित किया जा सकता है।