फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोएडा के अटके फ्लैट्स को पूरा करने के लिए फंड देने को तैयार बैंक

Sun, 10 Feb 2019 10:36 AM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
हाउसिंग प्रोजेक्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार अटके पड़े फ्लैट्स के काम को पूरा करना चाहती है। इस ओर सरकार ने एक साल पहले ही कदम बढ़ाने शुरू कर दिए थे। अब चार बैंकों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पैसों की कमी के चलते अटके पड़े फ्लैट्स को पूरा करने के लिए फंड देने का ऑफर दिया है। माना जा रहा है कि इन फ्लैट्स को पूरा करने का काम इसी साल से शुरू भी हो जाएगा। बैंकों ने इसके लिए नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (एनबीसीसी) से भी बात की है। 

विज्ञापन


मामले पर बैंक सैक्टर से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि एनबीसीसी से ऐसे अटके हुए हाउसिंग प्रोजेक्टस की लिस्ट मांगी गई है। साथ ही ये भी पूछा गया है कि उन्हें पूरा करने के लिए कितनी रकम की जरूरत है। जानकारी के मुताबिक सरकार इस योजना को जल्द से जल्द फाइनल करना चाहती है। ताकि 2019 के आम चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले काम शुरू किया जा सके। ऐसा करके सरकार लोगों को दिखाना चाहती है कि होम बायर्स द्वारा सताए गए लोगों को उसका समर्थन प्राप्त है।

क्या है बैंकों की शर्त?

हाल ही में भारतीय बैंकों को बड़े कारोबारियों द्वारा हजारों करोड़ रुपये का घाटा सहना पड़ा है। जिसके चलते अब वह सतर्क है और आगे दोबारा ऐसा न हो इसका पूरा ध्यान रख रहे हैं। बैंकों ने इसके बदले सरकार से शर्त रखी है कि वह तभी फंड देंगे जब अपार्टमेंट और खाली पड़ी जमीन को उनके पास तब तक के लिए गिरवी रखा जाएगा।

बैंका का कहना है कि जब प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे तो वह उन फ्लैट्स को बेचकर अपना पैसा निकालेगा। बैंक केवल उन्हीं प्रोजेक्ट्स को फंड देने के मूड में हैं जिन्हें कहीं और से फंडिंग नहीं मिल रही है। फ्लैट पूरा करने के लिए फंड देने को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक आदि आगे आए हैं।

विज्ञापन


जानकारी के लिए बात दें नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 3 लाख होम बायर्स फ्लैट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। ये अटके हुए फ्लैट केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के लिए बडा़ सिरदर्द बन चुके हैं। अम्रपाली मामले पर भी सुप्रीम कोर्ट दोबारा सुनवाई करने वाला है, जिसके बाद आगे की राह साफ हो पाएगी। 

किसके पास कितनी है खाली जमीन?

आम्रपाली ग्रुप के पास 43 हजार फ्लैट फंसे हुए हैं और 10 हजार नए फ्लैट बनाने के लिए जमीन खाली है। जेपी ग्रुप के पास 3,500 एकड़ खाली जमीन है। सूत्रों के अनुसार सुपरटेक, यूनिटेक और 3C ग्रुप के पास भी काफी जमीन खाली पड़ी है, जिसे विकसित किया जा सकता है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें