सरकार की नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर हुई हड़ताल के दूसरे और अंतिम दिन मंगलवार को भी विभिन्न क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित रहा। हरियाणा समेत कुछ राज्यों में सार्वजनिक परिवहन और बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं।
हरियाणा में स्थानीय निकायों के कार्यालयों में भी काम नहीं हुआ। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की महासचिव अमरजीत कौर ने दावा किया कि सोमवार को हड़ताल में 20 करोड़ कर्मचारी शामिल रहे।
दूसरे दिन इनकी संख्या और बढ़ गई। 12 सूत्री मांगों को लेकर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, विभिन्न क्षेत्रों की स्वतंत्र फेडरेशनों व एसोसिएशनों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया। केरल में राज्य सरकार के ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ के अल्टीमेटम का भी कर्मचारियों पर असर नहीं हुआ।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लेन-देन प्रभावित रहा। कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आए। इससे चेकों की क्लीयरिंग नहीं हो पाई। ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने बताया कि देशभर में 20 लाख से ज्यादा चेक क्लीयर नहीं हो पाए।
इससे 18 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित रहा। अकेले तमिलनाडु में 6 लाख चेक अटक गए, जिससे 5 हजार करोड़ का लेन-देन ठप रहा। हड़ताल में बैंक एंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) और ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) भी शामिल रहीं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत ज्यादातर सरकारी बैंकों ने ग्राहकों को प्रस्तावित हड़ताल और उसके संभावित असर की जानकारी दे दी थी। हरियाणा में रोडवेज कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण विभिन्न डिपो से बसें नहीं चलीं।
सेल, आरआईएनएल, एनएमडीसी के कर्मचारियों ने भी नहीं किया काम
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों सेल, आरआईएनएल और एनएमडीसी के करीब 35,000 कर्मचारियों ने भी काम नहीं किया। नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएमडीसी) संयुक्त खदान मजदूर संघ के सचिव राजेश संधु ने बताया कि कंपनी के करीब 10 हजार गैर कार्यकारी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना आदि के कार्यालय और खानें बंद रहे।
राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के कुल 11 हजार में से 8 हजार गैर कार्यकारी कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। इससे उत्पादन पूरी तरह ठप रहा। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के करीब 15 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे।