केंद्रीय कैबिनेट ने बैंकरप्सी कानून को सख्त करने के लिए अध्यादेश को अपनी मंजूरी दे दी है। इसके अलावा दिवालिया कानून में भी बदलाव किया जाएगा। कैबिनेट ने इसके लिए अपनी मंजूरी देते हुए कहा कि यह दोनों अध्यादेश संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाएंगे। इस अध्यादेश के लागू होने पर दिवालिया कंपनियों के प्रमोटरों की मुश्किल बढ़ सकती है।
15 दिसंबर से होगा संसद का शीतकालीन सत्र
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली और कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से शुरू होगा। जेटली ने कहा कि गुजरात चुनाव के बाद ही संसद का सत्र हो, इसलिए इस तारीख को चुना गया है। इस सत्र में सरकार की कोशिश रहेगी कि इन अध्यादेश को पास करा लिया जाए। इस कानून के पास हो जाने से सबसे ज्यादा फायदा सरकारी बैंकों को होगा।
We are going to ensure that a regular winter session is held but we will make sure that the parliament session and election dates don't overlap.: FM Arun Jaitley pic.twitter.com/vZKXAC8GAP
— ANI (@ANI) November 22, 2017
पीएसयू कंपनियों के लिए वेतन नीति का ऐलान
वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि सेंट्रल पब्लिक सेंटर एंटरप्राइजेज में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए वेतन नीति पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है।
Cabinet has approved Wage Policy for the 8th Round of Wage Negotiations for workmen in Central Public Sector Enterprises: FM Arun Jaitley pic.twitter.com/1sCQFH9dZf
— ANI (@ANI) November 22, 2017
Cabinet has approved the setting up of 15th Finance Commission. The Terms of Reference for the Commission will be notified in due course of time.: Finance Minister Arun Jaitley pic.twitter.com/16MK8KyxHV
— ANI (@ANI) November 22, 2017