प्रशांत किशोर का भाजपा पर हमला
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बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना सोमवार को पटना के एएन कॉलेज परिसर में जारी है। 26वें राउंड की गिनती पूरी होने तक जन सुराज पार्टी को स्पष्ट बढ़त मिली हुई है। जन सुराज के संयोजक एवं पार्टी प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने शुरुआती दौर से बनाई बढ़त को बरकरार रखा है। जीत की ओर बढ़ रहे बांकीपुर में पहले राउंड से बढ़त बनाए हुए प्रशांत किशोर ने पहली प्रतिक्रिया दी। प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा का 30 बरस का गढ़ 30 दिनों में ढह गया। यह चुनाव विधायक चुनने के लिए नहीं था।
उन्होंने कहा कि यहां भाजपा का 30 बरस का गढ़ 30 दिनों में ढह गया। यह चुनाव विधायक चुनने के लिए नहीं था। सम्राट चौधरी से कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, लेकिन इस चुनाव के माध्यम से बिहार की जनता ने भाजपा को यह संदेश दिया है कि किसी अच्छे चरित्रवान और काबिल इंसान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाइए। जितनी चिंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह गुजरात के लिए करते हैं, तो थोड़ी चिंता बिहार की भी करें ताकि यहां का पलायन रुके और बेरोजगारी कम हो।
बांकीपुर रातों-रात बंगलूरू नहीं बन जाएगा- पीके
इस जीत के बाद हमारी पहली प्राथमिकता बांकीपुर के लोगों के आशीर्वाद और भरोसे का सम्मान करना है। हम बांकीपुर को बेहतर बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। आपको अगले दो-तीन महीनों में ये बदलाव दिखने लगेंगे। मैं बड़े-बड़े वादे नहीं करना चाहता हूं। मेरे विधायक बनने से बांकीपुर रातों-रात बंगलूरू नहीं बन जाएगा। लेकिन अगले दो-तीन महीनों में आपको यहां कुछ सुधार ज़रूर दिखेंगे। बांकीपुर के लोगों ने बीजेपी नेतृत्व को एक साफ संदेश दिया है, बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर किसी अच्छे व्यक्ति को चुनें।
पीके ने कुशवाह समाज का सीएम बनाने की मांग की
अगर भाजपा सम्राट चौधरी की जगह कुशवाहा समुदाय के किसी दूसरे नेता को लाना चाहती है, तो यह पूरी तरह से उनका फैसला है। हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जिसे भी चुना जाए, वह कुशवाहा समुदाय का एक काबिल और ईमानदार व्यक्ति होना चाहिए। हर हाल में बिहार की तरक्की होनी चाहिए। बिहार का विकास होना चाहिए। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन जीतता है या कौन सी पार्टी सरकार बनाती है। यही लोकतंत्र है। चुनाव में जीत-हार तो होती रहती है; वे आते-जाते रहते हैं। असल मायने में बिहार का विकास ही सबसे जरूरी है।"
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की जनता ने सम्राट चौधरी के नेतृत्व को साफ तौर पर नकार दिया है। यह बात बिल्कुल साफ़ है... राज्य चुनाव जीतने के बाद, भाजपा ने बिहार की कमान ऐसे व्यक्ति को सौंपी जिसकी आपराधिक प्रवृत्ति रही है और जिसका आचरण संदिग्ध है। बिहार की जनता को ऐसा नेतृत्व मंज़ूर नहीं है।