पिछले एक पखवाड़े में तीन बड़े बैंकों द्वारा बचत खातों पर ब्याज घटाने के बाद बैंकिंग क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और इससे लोन पर ब्याज दर में भी कमी आएगी। एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है।
देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक एसबीआई ने 31 जुलाई को एक करोड़ रुपये से अधिक की बचत खाते की जमा पर ब्याज दर आधा प्रतिशत घटाकर 3.5 प्रतिशत कर दी है। इसके बाद बैंक आफ बड़ौदा और एक्सिस बैंक ने भी पिछले सप्ताह सप्ताह 50 लाख रुपये तक की बचत खाते की जमा पर ब्याज दर आधा प्रतिशत घटाकर 3.5 प्रतिशत कर दी है।
इंडिया रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि संपत्ति की गुणवत्ता पर लगातार दबाव और लोन की कमजोर मांग की वजह से बैंकों का मुनाफा प्रभावित हो रहा है। ऐसे में यह तय है कि अधिक नकदी वाले बड़े बैंक कमजोर बैंकों की तुलना में बाजार हिस्सेदारी ज्यादा हासिल करेंगे।
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एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है, "चूंकि ब्याज दर चक्र निचले स्थान पर आ गया है, मौजूदा देनदारियों का नीचे की ओर नए मूल्यांकन से दरों में और कमी आएगी। कुछ बड़े बैंकों द्वारा बचत खातों पर ब्याज दर में कटौती इसी दिशा में उठाया गया कदम है।"