नोटबंदी के बाद बैंक खातों में मोटी रकम जमा करने वाले ग्राहकों का डाटा आयकर विभाग में पहुंचने लगा है। धीरे-धीरे सभी बैंकों के रीजनल आफिस से डाटा ईमेल से आयकर विभाग में पहुंच रहा है। जिन बैंकों ने कागजों में जानकारी भेजी है उनसे भी ईमेल से ही सूचनाएं देने के लिए कहा गया है।
गौर हो कि बचत खाते में 2 लाख रुपये, जनधन खाते में 49 हजार और चालू खाता में 12.50 लाख रुपये से अधिक जमा करने वाले ग्राहकों को नोटिस देकर जवाब मांगा जा रहा है कि आय का स्रोत क्या है..? बैंकों को ये नोटिस इन्कम टैक्स एक्ट की धारा 1961 के तहत दिए गए हैं, सूचनाएं समय से नहीं देने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना तक लगाया जा सकता है।
आयकर विभाग अलीगढ़ की जांच शाखा के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार ने बताया कि बैंकों से सूचनाएं आने लगी हैं। सूचनाएं ई मेल के माध्यम से मांगी जा रही हैं, जिससे रिकार्ड ऑनलाइन रखने में मदद मिलेगी। जल्द ही सभी बैंकों की ओर से ग्राहकों का डाटा मिल जाएगा। डाटा स्क्रीनिंग का काम शुरू होते नियमानुसार ग्राहकों को नोटिस दिए जाएंगे।
ग्राहक की सूचना जो मांगी गई है
खाता नंबर, खाताधारक का नाम, पिता-पति का नाम, पता, पैन कार्ड नंबर, आधार कार्ड नंबर और मोबाइल या फोन नंबर।