श्रमजीवी एक्स धमाके का दोषी मोहम्मद आलमगीर
- फोटो : ब्यूरो/ जौनपुर
श्रमजीवी विस्फोट कांड का खुलासा नई दिल्ली की स्पेशल सेल में तैनात एसीपी संजीव यादव ने दो जुड़वां भाई मुहीबुल मुस्तकीन व अनीसुल मुरसलीम को गिरफ्तार कर किया था। दोनों खूंखार आतंकियों से एसीपी ने जब पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि श्रमजीवी ट्रेन में हूजी आतंकवादी संगठन का एरिया कमांडर ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई, मो. आलमगीर उर्फ रोनी, हिलालुद्दीन उर्फ सोहाग खां, नफीकुल विश्वास और मो. शरीफ उर्फ कंचन ने फैजाबाद में मारे गए आतंकवादियों की मौत का बदला लेने के लिए ट्रेन में बम विस्फोट किया था। इन दोनों ने भारत में कई अन्य आतंकियों के नाम और पते भी बताए थे।
उनकी निशानदेही पर सबसे पहले ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई को मुर्शिदाबाद से गिरफ्तार किया गया था। 9 मई 2006 को सीजेएम जौनपुर की अदालत में पेश किया गया था। इसके कुछ महीने बाद आरोपी हिलालुद्दीन, व नफीकुल विश्वास को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा। इन दोनों को 23 मई 2006 को सीजेएम जौनपुर कोर्ट में पेश किया गया।
मो. आलमगीर उर्फ रोनी को स्पेशल सेल, नई दिल्ली द्वारा 16 अक्तूबर 2006 को गिरफ्तार किया। उसे 13 अगस्त 2007 को सीजेएम कोर्ट, जौनपुर में पेश किया गया। मामले के अन्य तीन आरोपी शरीफ उर्फ कंचन उर्फ सैफुद्दीन, गुलाम पाजदानी उर्फ याहिया अभी भी फरार चल रहे हैं। जबकि आतंकी आरोपी डा. सईद की मौत हो चुकी है।