पूरे बांग्लादेश में हिंदुओं को चुन-चुन कर निशाना बनाया जा रहा है। उनके घरों को लूट जा रहा है, मंदिरों को तोड़ा और आग के हवाले किया जा रहा है। यह पीड़ा केवल मेरे अकेले की नहीं है, यह पीड़ा बांग्लादेश में इस समय हर हिंदू और हर अल्पसंख्यक की है। बांग्लादेश के नारायणगंज जिले के रधुनाथपुर निवासी माखन सरकार ने फोन पर अमर उजाल से आप बीती में ये बाते कही।
सब कुछ खत्म हो गया है। मंगलवार रात को अचानक करीब चार सौ लोगों ने मेरे घर पर हमला कर दिया। किसी तरह से जान बचाकर भागने में कामयाब हुए। अभी किसी अज्ञात स्थान पर परिवार के साथ हूं। न यहां पर मौलिक अधिकारों की रक्षा हो पा रही है और न ही हम अल्पसंख्यकों को कोई सुरक्षा मिल रही है।
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पूरे बांग्लादेश में हिंदुओं को चुन-चुन कर निशाना बनाया जा रहा है। उनके घरों को लूट जा रहा है, मंदिरों को तोड़ा और आग के हवाले किया जा रहा है। यह पीड़ा केवल मेरे अकेले की नहीं है, यह पीड़ा बांग्लादेश में इस समय हर हिंदू और हर अल्पसंख्यक की है। बांग्लादेश के नारायणगंज जिले के रधुनाथपुर निवासी माखन सरकार ने फोन पर अमर उजाल से आप बीती में ये बाते कही। बोले, हमें बचा लो। सरकार ने कहा, जबसे हालात बिगड़े हैं, तबसे हम पर तरह-तरह के अत्याचार हो रहे हैं। हमारे घरों से उपद्रवी जो सामान लूट सके, लूट ले गए। जो सामान वे नहीं ले जा सके, उनमें आग लगा दी। माखन ने कहा, जैसे ही हम पर हमला हुआ हमने पुलिस को सूचना दी। वहां से केवल मदद का आश्वासन मिला।
मौलिक अधिकारों की रक्षा की जाए
माखन ने कहा, मैं बांग्लादेश के हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की ओर से वैश्विक नेताओं से आह्वान करना चाहता हूं कि हमारे मौलिक अधिकारों की रक्षा हो। हम यहीं जन्में और यहीं पले, लेकिन हमारे साथ आज दोयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा है। हमारे जान-मान की रक्षा हो। घर, मंदिर और पूजास्थल तोड़े जा रहे हैं। घरों को लूटा जा रहा है, आग लगाई जा रही है।