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भारत प्रेमी शेख हसीना और बांग्लादेश के शुभचिंतक प्रधानमंत्री मोदी देंगे रिश्तों को नई ऊंचाई

Thu, 25 Mar 2021 07:36 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • शेख मुजीब और भारत के रिश्तों को कैसे भूल सकती हैं हसीना
  • बांग्लादेश से जय बांग्ला का उद्घोष करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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आधी रात को बांग्लादेश अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाएगा। तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ढाका पहुंचने वाले हैं और 26-27 मार्च का उनका यह दौरा बहुत अहम होने जा रहा है। प्रधानमंत्री का दौरा पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। प्रधानमंत्री के इस दौरे को जहां पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं कूटनीति के जानकारों को प्रधानमंत्री शेख हसीना और बांग्लादेश के शुभ चिंतक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से काफी उम्मीदें हैं। बांग्लादेश ने खुद की आजादी सुनिश्चित कराकर स्वतंत्र देश का दर्जा दिलाने वाले भारत को इस समारोह में अपना मुख्य अतिथि बनाया है। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला के मुताबिक यह बड़े सम्मान की बात है।

'भारत भक्त' शेख हसीना और प्रधानमंत्री मोदी का जय बांग्ला

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना देश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की पुत्री हैं। 26 मार्च 1971 पाकिस्तान से बांग्लादेश ने खुद को अलग करने की घोषणा कर दी, लेकिन करीब चार साल बाद राष्ट्रपति बंगबंधु शेख मुजीबुर्र रहमान की हत्या हो गई। उस समय शेख हसीना जर्मनी में थीं और भारत ने तब शेख हसीना को न केवल शरण दी, बल्कि उन्हें सहायता भी दी थी। शेख हसीना और भारत का यह आत्मीय रिश्ता पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भेंट के दौरान कई बार देखा गया है। बांग्लादेश को जानने समझने वाले तो यहां तक कहते हैं कि हसीना को कभी वहां भारत का प्रतिनिधि तक कहा जाता रहा है।

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शेख हसीना के सामानांतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के प्रति लगातार संवेदनशीलता को बनाए रखा है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच में एक विश्वास का रिश्ता है और प्रधानमंत्री की बांग्लादेश यात्रा को लेकर पाकिस्तान के माथे पर भी चिंता की लकीरें हैं। विदेश मंत्रालय सूत्रों की मानें तो आधी रात को मुख्य अतिथि के तौर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी न केवल बांग्लादेश के साथ मजबूत रिश्ते का संदेश देंगे, बल्कि बंगबंधु के लोकप्रिय नारे जय बांग्ला का भी उद्घोष कर सकते हैं।

दोनों देशों के बीच में बढ़ेगा सद्भाव

दिसंबर 2020 में प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच में वर्चुअल चर्चा हुई थी। अब जब प्रधानमंत्री दो दिन की बांग्लादेश की यात्रा पर हैं, तो रिश्ते में और प्रगाढ़ता के संकेत हैं। दिसंबर में ही भारत और बांग्लादेश ने 55 साल से बंद पड़ी चिनहटी-हल्दीबाड़ी के बीच ट्रेन सेवा शुरू की। बताते हैं इसे शुरू कराने में प्रधानमंत्री मोदी ने काफी रुचि दिखाई थी। अगले साल 2022 से भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र बांग्लादेश से कुछ और ट्रेनें चलाने की उद्घोषणा के साथ जुड़ सकता है।

त्रिपुरा के अगरतला और बांग्लादेश के अखौरा के बीच में रेल लाइन बिछाने का काम अपने अंतिम चरण में है। प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री शेख हसीना के बीच द्विपक्षीय वार्ता के दौरान इस पर सहमति बन सकती है। दोनों देशों के तीस्ता नदी जल समझौता काफी महत्वपूर्ण है। बांग्लादेश तीस्ता नदी का करीब 36 फीसदी पानी का उपभोग करता है। पड़ोसी देश चाहता है कि भारत अपने हिस्से से उसे और पानी छोड़े। विदेश मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक इसे लेकर कोई बात हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बांग्लादेश को कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लिए सहायता बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं।

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दोनों देशों के बीच में बीबीआईएन मोटर समझौते को लागू करने पर सहमति बन गई थी। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान इसे अमल में लाने की दिशा में कुछ प्रयास हो सकता है। इसके अलावा भारत और बांग्लादेश वाणिज्यक और व्यापारिक रिश्ते को भी मजबूत आधार दे सकते हैं।

प्रधानमंत्री की यात्रा के राजनीतिक मायने भी हैं

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव चल रहा है। कुछ दिन में पहले चरण का मतदान होना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी पार्टी भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल का चुनाव नाक का सवाल बनता जा रहा है। पश्चिम बंगाल में 23 फीसदी से अधिक मतुआ समुदाय के लोग रहते हैं। मतुआ समुदाय बांग्लादेश में भी है। इसके अलावा बांग्लादेश से आए तमाम हिन्दू भी पश्चिम बंगाल में हैं। समझा जा रहा है कि प्रधानमंत्री बांग्लादेश की अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान इस लक्ष्य को भी साधने की कोशिश करेंगे। हरिश्चंद्र ठाकुर ओरकांडी के मंदिर, सुगंधा शक्ति पीठ में जाकर पूजा करने की संभावना को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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