बांग्लादेश में जुलाई महीने से जारी हिंसा के बाद राजनीतिक अस्थिरता ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि अभी बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के कार्यवाहक के तौर पर नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस सत्ता संभाल रहे हैं। इसके बावजूद भी देश में अभी भी अशांति बनी हुई है।
बांग्लादेश में व्याप्त अशांति के बीच अल्पसंख्यकों पर हिंसा भी जारी है। देश की अंतरिम सरकार के कार्यवाहक मोहम्मद यूनुस की अपील के बाद भी हालात सुधर नहीं रहे हैं। इन सबके बीच भारत-बांग्लादेश सीमा पर कई जगहों पर लोग जमा हुए और शरण की गुहार के साथ अवैध घुसपैठ की कोशिश भी कर रहे हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर भारतीय तटरक्षक बल ने भी अपनी सतर्कता बढ़ा दी है।
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अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए बढ़ाई गई सुरक्षा
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर भारतीय तटरक्षक बल के उप महानिदेशक (संचालन और तटीय सुरक्षा) अनुपम राय ने कहा, बांग्लादेश में राजनीतिक अशांति के बाद भारतीय तटरक्षक बल ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर अपनी गश्त और निगरानी बढ़ा दी है। किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई और अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए हमने सुरक्षा बढ़ा दी है, दो से तीन जहाज तैनात किए हैं। इस कड़ी में सुंदरबन क्रीक क्षेत्रों में हमारे एयर कुशन जहाजों और इंटरसेप्टर नौकाओं की तरफ गश्त की जा रही है।
'भारत के करीबी तटों पर 24*7 निगरानी'
उन्होंने कहा कि हमारे पास हल्दिया, पारादीप और गोपालपुर में तटीय निगरानी रडार हैं। ये रडार स्टेशन किसी भी अवैध गतिविधि के लिए भारत के करीबी तटों पर 24*7 निगरानी कर रहे हैं। अब तक कोई अवैध गतिविधि नहीं देखी गई है, लेकिन हमने अपने जहाजों को विशेष रूप से सभी मछली पकड़ने वाली नौकाओं या किसी भी जहाज पर रोकने के लिए कहा है जो भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) के करीब हैं या क्रीक क्षेत्रों में हैं।
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अंतरिम सरकार ने की प्रदर्शनकारियों से अपील
इधर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने प्रदर्शनकारियों से 19 अगस्त तक सभी अवैध और अनधिकृत हथियारों को सरेंडर करने की अपील की। अंतरिम सरकार के गृह मंत्रालय के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल एम सखावत हुसैन ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जो अपने हथियार पास के पुलिस स्टेशन में जमा नहीं करेंगे, प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।