फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bangladesh: 'अब पाकिस्तान की जेब में है बांग्लादेश सरकार', ढाका के मिशन बंद करने के फैसले पर भड़के विशेषज्ञ

Wed, 24 Dec 2025 11:18 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बांग्लादेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और भीड़तंत्र की हिंसा के बीच, जिस तरह से बांग्लादेश ने भारत में अपने मिशन की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है, उस पर विशेषज्ञों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि बांग्लादेश इस समय पूरी तरह से पाकिस्तान की जेब में है। 
विज्ञापन
मोहम्मद यूनुस, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार - फोटो : X @ChiefAdviserGoB
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेश में इन दिनों हिंसा और अराजकता का माहौल है। भारत के साथ बांग्लादेश के रिश्ते भी खराब दौर से गुजर रहे हैं और दोनों देशों ने अपनी-अपनी वीजा सेवाएं भी बंद करने का एलान कर दिया है। अब इसे लेकर विशेषज्ञों ने बांग्लादेश सरकार की निंदा की है। विदेश मामलों के विशेषज्ञ सुशांत सरीन का कहना है कि इस समय बांग्लादेश की सरकार पाकिस्तान की जेब में है। 
विज्ञापन


'बांग्लादेश की प्रतिक्रिया हास्यपद'
सुशांत सरीन ने कहा, 'बांग्लादेश अपनी पाकिस्तानी जड़ों को फिर से खोज रहा है। वे पाकिस्तानी तरीके अपना रहे हैं। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार, अवैध, गैर-कानूनी और बिना चुनी हुई सरकार है और अब वह पूरी तरह से पाकिस्तान की जेब में है। बांग्लादेश का 15-20 लोगों के छोटे से प्रदर्शन पर इतनी ज्यादा प्रतिक्रिया देना पूरी तरह से हास्यपद है, जबकि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं और लोगों की क्रूर तरीके से हत्याएं हो रही हैं।' बांग्लादेश में कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए। इस दौरान बांग्लादेश में भारतीय मिशनों के बाहर भी उग्र विरोध प्रदर्शन हुए। 

विरोध प्रदर्शन के चलते भारत ने बांग्लादेश में बंद की वीजा सेवाएं
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने बांग्लादेश में अपने मिशनों में वीजा सेवाएं बंद करने का एलान किया। इसके जवाब में बांग्लादेश ने भी कथित सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में अपने मिशन में वीजा सेवाएं बंद करने का एलान कर दिया। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सुशांत सरीन ने कहा, पाकिस्तान भी ऐसी ही बेतुकी बातें करता है और अब बांग्लादेश भी अपनी पूर्वी पाकिस्तान की जड़ों को फिर से खोज रहा है। ऐसी रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं कि पाकिस्तानी सरकार के कुछ लोग बांग्लादेश के सरकारी दफ्तरों में बैठे हैं और उन्हें बता रहे हैं कि क्या करना है।
विज्ञापन




ये भी पढ़ें- Bangladesh: मोहम्मद यूनुस से नाराज हुआ अमेरिका, शेख हसीना की पार्टी को मिल सकती है प्रतिबंध से राहत

'भारत को कुछ करने की जरूरत'
'ऐसी भी रिपोर्ट्स हैं कि पाकिस्तान और बांग्लादेश एक रक्षा सौदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि जल्द ही बांग्लादेश में पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती हो सकती है या किसी और तरह की मदद दी जा सकती है। बांग्लादेश भारत पर हमला करने के लिए एक चौकी बन सकता है। भारत को भी यह सोचना होगा कि वह बांग्लादेश से कैसे निपटना है। बहुत से लोग, भारत जो कर रहा है या नहीं कर रहा है, उसे एक रणनीतिक संयम मानते हैं। लेकिन मुझे कभी-कभी हैरानी होती है कि यह संयम है या रणनीतिक लकवा। हमें कुछ करने की जरूरत है, और यह भारत के लिए, यहां तक कि पड़ोसी देशों और बाकी दुनिया के लिए भी एक सबक होना चाहिए।'
विज्ञापन


सुशांत सरीन ने कहा, 'भारतीय वीजा सेवाएं निलंबित किए जाने के सुरक्षा कारण थे। बांग्लादेश में पुलिस और सरकार का कहना है कि हम (भीड़ को) कंट्रोल नहीं कर सकते क्योंकि वे हिंसक हो जाएंगे। बांग्लादेश में भारतीय मिशनों के लिए एक स्पष्ट और मौजूदा सुरक्षा खतरा है, यही वजह है कि कुछ सेवाओं को निलंबित कर दिया गया था। भारत में ऐसी स्थिति नहीं है। मुझे नहीं लगता कि किसी भारतीय पुलिस वाले ने, या किसी भारतीय सरकार या भारतीय अथॉरिटी ने कहा है कि हम भीड़ को कंट्रोल नहीं कर सकते, तो बांग्लादेशियों ने कहा कि उनके मिशनों को सुरक्षा खतरा था; वे झूठ बोल रहे हैं। यह वही पाकिस्तानी जैसे को तैसा वाला कार्ड है।'

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें