देशभर में ऑक्सीटोसिन के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी। ड्रग कंट्रोलर ने सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर इसके निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल को लेकर छापेमारी करने का आदेश दिया है। साथ ही इसकी पूरी मॉनीटरिंग राज्य स्तर पर करने के निर्देश दिए गए हैं। बीते दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसके गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए अधिसूचना जारी की थी। नए नियम देश भर में एक जुलाई 2018 से लागू होंगे। हालांकि ऑक्सीटोसिन का आयात तत्काल रोक दिया गया है।
1 जुलाई 2018 से पूरी तरह लगेगा प्रतिबंध, अभी आयात पर रोक
ऑक्सीटोसिन की अवैध बिक्री पर पड़ेंगे छापे, सभी राज्यों को आदेश
पत्र में लिखा है कि देश में लंबे समय से कुछ किसान और डेयरी संचालक ज्यादा दुग्ध और सब्जियों के आकार को बड़ा करने में ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए केंद्र स्तर पर कई बैठकों और सरकार से गंभीर चर्चा के बाद ऑक्सीटोसिन के अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए देश व्यापी अभियान चलाने का फैसला लिया गया है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ने ऑक्सीटोसिन के गोरखधंधे को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस की मदद लेने की सलाह भी दी है।
ज्यादा दूध की चाहत में किसान और डेयरी संचालक करते हैं इस्तेमाल
दवा दुकानों पर नहीं है स्वीकार
पत्र में साफ लिखा है कि ऑक्सीटोसिन नाम या किसी भी रूप में दवा दुकानों पर नहीं बिकना चाहिए। सीधे तौर पर इसकी बिक्री दवा दुकानों पर नहीं होगी। ऑक्सीटोसिन केवल रजिस्टर्ड अस्पताल, प्राइवेट और मेडिकल स्टोर्स में ही उपलब्ध होगी ताकि इसका गलत तरीके से इस्तेमाल न हो सके।
दिल्ली भेजनी होगी पूरी रिपोर्ट, तैयार होगा रिकॉर्ड
ड्रग कंट्रोलर ने राज्यों के औषधि नियंत्रण विभाग को दिए निर्देश में यह भी कहा है कि उनकी सभी कार्रवाईयों की जानकारी दिल्ली भेजनी होगी ताकि ऑक्सीटोसिन की इस मुहिम का पूरा रिकॉर्ड रखा जा सके। जानकारी के मुताबिक, हरियाणा, पंजाब, यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों को ज्यादा सतर्कता बरतने के निर्देश मिले हैं। ड्रग कंट्रोलर का ये भी कहना है कि इस आदेश को सर्वोपरि रख जल्द से जल्द हानिकारक रसायन का गोरखधंधा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।