कर्नाटक संगीत के महान गायक एम बालमुरलीकृष्णन का मंगलवार को चेन्नई में निधन हो गया। बालमुरलीकृष्णन 86 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार थे। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को उन्होंने अपने निवास पर अंतिम सांस ली।
मंगलमपल्ली बालमुरलीकृष्ण ने अस्सी के दशक में राष्ट्रीय एकता के लिए दूरदर्शन के बनाए गाने ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ में अपनी आवाज दी थी। इस गाने से पूरे देश ने उनकी विलक्षण गायन प्रतिभा का लुत्फ लिया था।
बालमुरलीकृष्णन ने अपनी संगीत यात्रा छह साल की उम्र में ही शुरू कर दी थी और आगे चल कर उन्होंने गायन के क्षेत्र में ऊंचा शिखर छुआ। कर्नाटक शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत दोनों जगह उन्होंने अपनी धाक जमाई।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी बालमुरलीकृष्णन ने सिर्फ अपनी आवाज बल्कि संगीत रचना से भी लोगों को चमत्कृत किया। उन्होंने तेलुगु, संस्कृत, कन्नड़ और तमिल के 400 गानों का संगीत रचा।
कर्नाटक संगीत के इस लीजेंड ने हिन्दुस्तानी गायिकी के दिग्गजों के साथ भी मशहूर जुगलबंदियां कीं। इनमें पंडित भीमसेन जोशी, किशोरी अमोनकर, हरिप्रसाद चौरसिया, पंडित जसराज और जाकिर हुसैन शामिल हैं। बालमुरलीकृष्ण ने रवींद्र संगीत भी गाया।