टीसीएस नासिक में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का मामले पर हंगामा हो गया है। इस मामले में एसआईटी जांच में जहां चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। वहीं बजरंग दल ने इसके खिलाफ दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन करने का एलान कर दिया है।
टीसीएस की नासिक इकाई में वरिष्ठ कर्मचारियों द्वारा अपने सहयोगियों के यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले ने तूल पकड़ लिया है। विश्व हिंदू परिषद के युवा संगठन बजरंग दल ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए इसके खिलाफ आज और कल यानी कि 16-17 अप्रैल को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है।
विज्ञापन
एसआईटी कर रही मामले की जांच
कंपनी के नासिक कार्यालय की आठ महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों पर यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में पिछले सप्ताह महाराष्ट्र पुलिस ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। वहीं, टीसीएस ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि कंपनी किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या दबाव की नीति के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' रखती है। कंपनी ने यह भी पुष्टि की कि नासिक कार्यालय में आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
बजरंग दल ने क्या कहा?
बजरंग दल ने अपने बयान में लव जिहाद, जमीनों पर अतिक्रमण और मुस्लिम बहुल इलाकों में कथित उत्पीड़न जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। विहिप (विश्व हिंदू परिषद) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता देशभर में प्रदर्शन करेंगे और हिंदू समाज को संगठित किया जाएगा। इससे पहले विहिप ने देश में कथित धर्मांतरण और लव जिहाद की घटनाओं पर चिंता जताते हुए इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया और इनके खिलाफ सख्त राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग भी की।
विज्ञापन
विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि नासिक की घटना कोई अलग मामला नहीं है, बल्कि यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होती है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से इस मुद्दे पर ठोस कार्रवाई करने की अपील की।