बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि कर्नाटक वक्फ बोर्ड ने कहा है कि वह मुस्लिम लड़कियों के लिए 10 कॉलेज खोलेगा। मैं उनसे अपील करूंगा कि वे अपने द्वारा बनाए गए कॉलेजों में हिंदू लड़कियों को प्रवेश दें।
एआईयूडीएफ के अध्यक्ष और सांसद बदरुद्दीन अजमल ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। इस बार उन्होंने छोटी उम्र में लड़की की शादियों का समर्थन करते हुए कहा कि हिंदुओं को अपनी लड़कियों की शादी 18-20 साल में कर देनी चाहिए और उनको इसी मुस्लिम फॉर्मूले का पालन करना चाहिए।
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जनसंख्या वृद्धि पर पर अपनी बात रखते हुए मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि वो(हिंदु) 40 साल से पहले 2-3 गैरकानूनी तरीके से बीवियां रखते हैं। 40 साल के बाद बच्चा पैदा करने की क्षमता कहां रहती है। उनको मुसलमानों के फॉर्मूले को अपनाकर अपने बच्चों की 18-20 साल की उम्र में शादी करा देनी चाहिए।
असम के करीमगंज में एक कार्यक्रम में पहुंचे एआईयूडीएफ के अध्यक्ष और सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि कर्नाटक वक्फ बोर्ड ने कहा है कि वह मुस्लिम लड़कियों के लिए 10 कॉलेज खोलेगा। मैं उनसे अपील करूंगा कि वे अपने द्वारा बनाए गए कॉलेजों में हिंदू लड़कियों को प्रवेश दें। हम सभी लड़कियों को शिक्षित करना चाहते हैं।
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हिंदुओं को मुसलमानों से सीखने की जरूरत नहीं
एआईयूडीएफ अध्यक्ष और सांसद बदरुद्दीन अजमल के हिंदू महिलाओं पर दिए गए बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। असम भाजपा विधायक डी कलिता ने कहा कि तुम मुसलमान हो और हम हिन्दू। क्या हमें आपसे सीखना है? यह भगवान राम और देवी सीता का देश है। यहां बांग्लादेशियों के लिए कोई जगह नहीं है। हमें मुसलमानों से सीखने की जरूरत नहीं है।
आगे कहा कि ऐसी बातें कहकर आप अपनी मां और बहन को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं और आपको चेतावनी देता हूं कि ऐसा न करें और आपको ऐसा करना है तो बांग्लादेश जाएं और ऐसा करें। हिंदू इसे स्वीकार नहीं करेंगे। राजनीति के लिए इतना नीचे न गिरें कि अपनी मां और बहन को बेच दें, उनकी गरिमा पर कुठाराघात मत करो