मुंबई में दिल की दुर्लभ बीमारी के साथ जन्मा शिशु एक बड़े ऑपरेशन के बाद अब खतरे से बाहर है। शिशु दिल में तीन चैंबर के साथ पैदा हुआ था। ऑपरेशन उस वक्त हुआ जब शिशु की आयु महज 11 दिन थी। यह ऑपरेशन पारेल के बीजे वाडिया अस्पताल में हुआ।
शिशु का नाम अवंतिका नैयर है। वह अब दो महीने की हो चुकी है। इस बीमारी का नाम हाइपोप्लास्टिक लेफ्ट सिंड्रोम है, जिससे शरीर के अन्य अंगों तक रक्त की सप्लाई में परेशानी आती है। यह बीमारी 10 हजार में से 2 हजार बच्चों को प्रभावित करती है।
अवंतिका का ऑपरेशन पीडियाट्रिक इंटरवेश्नल कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर श्रीपाल जैन ने किया है। डॉक्टर जैन का कहना है कि यह ऑपरेशन उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। उन्होंने कहा, "यह ऑपरेशन शिशु के दिल को रोके बिना किया गया। इसने हमें जटिलताओं से बचा लिया।"
हालांकि ऑपरेशन के बाद अवंतिका की हालत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया। उसके दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर अचानक से कम हो गए थे, और उसे ईसीएमओ की मदद से सपोर्ट दिया गया। यह एक तरह की आर्टिफिशल लंग सपोर्ट मशीन है। इस मशीन के सपोर्ट पर उसे करीब 36 घंटे तक रखा गया।
डॉक्टर का कहना है कि अवंतिका की हालत में जल्द ही सुधार हो गया और उसे तीन सप्ताह बाद ही अस्पताल से छुट्टी मिल गई। लेकिन भविष्य में उसे ऐसे ही दो और ऑपरेशन से गुजरना पड़ सकता है।
अवंतिका की मां धान्या नैयर (32) का कहना है कि गर्भावस्था के 5 माह बाद ही उन्हें पता चल गया था कि उनके बच्चे का जन्म दिल की किसी बीमारी के साथ होगा। लेकिन डॉक्टर ने उन्हें कहा था कि ऑपरेशन के बाद शिशु की बीमारी ठीक हो सकती है। करीब 4 साल पहले गर्भपात का सामना कर चुकी धान्या का कहना है, "हमने फैसला किया कि चाहे जो हो, हम अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे।"