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बाबरी विध्वंस: बरसी पर ओवैसी का भड़काऊ बयान, कहा- इस अन्याय को कभी मत भूलना

Sun, 06 Dec 2020 02:07 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भड़काऊ बयान दिया है। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा है कि वे आने वाली पीढ़ियों को याद दिलाएं कि 400 सालों तक अयोध्या में बाबरी मस्जिद खड़ी थी। इस मस्जिद के हॉल में हमारे पूर्वज इबादत करते थे और इसके आंगन में रोजा तोड़ा करते थे। मौत होने पर उन्हें आस-पास के कब्रिस्तान में दफनाया जाता था।

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बता दें कि पिछले साल उच्चतम न्यायायल ने विवादित भूमि पर राम मंदिर निर्माण का फैसला सुनाया था। मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद ये बाबरी विध्वंस की पहली बरसी है। विध्वंस के सभी आरोपी अदालत से बरी हो चुके हैं। एआईएमआईएम के ओवैसी ने कहा कि हमें इस नाइंसाफी को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मस्जिद को अपवित्र किया गया और 42 सालों तक अवैध रूप से कब्जे में रखा गया।


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ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, 'याद रखें और अगली पीढ़ी को सिखाएं। 400 वर्षों तक हमारी बाबरी मस्जिद अयोध्या में खड़ी रही। हमारे पूर्वजों ने इसके हॉल में इबादत की, इसके आंगन में एक साथ रोजे को तोड़ा और जब वे मर गए, तो उन्हें बगल के कब्रिस्तान में दफनाया गया था। इस अन्याय को कभी मत भूलना।'
 

हैदराबाद से सांसद ने आगे कहा, '22-23 दिसंबर 1992 की रात को, हमारी बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया गया और 42 साल तक इसपर अवैध रूप से कब्जा किया गया। आज ही के दिन 1992 में पूरी दुनिया के सामने हमारी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को एक दिन की भी सजा नहीं मिली। इस नाइंसाफी को कभी मत भूलिए।'
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गौरतलब है कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिले में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। यहीं किसी समुदाय को कार्यक्रम की अनुमति नहीं है। प्रशासन ने कड़े शब्दों मे कहा है कि छह दिसंबर को यदि किसी तरह का कार्यक्रम आयोजित किया गया तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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