शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के गठन का मुख्य उद्देश्य है राजनीति, आर्थिक और रक्षा। इनमें से आर्थिक जो मुख्य उद्देश्य है, उसके तहत पारंपरिक दवा एव चिकित्सा को सामने रखकर बी2बी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है। पारंपरिक दवाओं के माध्यम से हम इकोनॉमी को कैसे बढ़ा सकते हैं, इस पर चर्चा हुई। आने वाले दिनों में आयुर्वेद का डंका पूरी दुनिया में बजने वाला है। इससे जहां दुनिया के लोगों को आसानी से आयुर्वेद के उत्पाद मिलेंगे, वहां भारत की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। विदेशों से जो दवाएं आज हम आयात कर रहे हैं, वह कम होंगी और भारत आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम आगे बढ़ाएगा।
अमर उजाला से खास बातचीत करते हुए आयुष मंत्रालय के आयुर्वेद सलाहकार डॉ. मनोज नेसरी ने कहा कि जबसे आयुष मंत्रालय बना है, तबसे इसकी ग्रोथ चकित करने वाला है। मंत्रालय ने जो लक्ष्य रखा था, उसे केवल तीन वर्षों में ही हासिल कर लिया। उल्लेखनीय है कि पहले दो दिवसीय वैश्विक एससीओ बी2बी कॉन्फ्रेंस शुक्रवार को संपन्न हो गया, जबकि पारंपरिक चिकित्सा एक्सपो पांच मार्च तक जारी रहेगा।