आजाद हिंद फौज के वयोवृद्ध सिपाही डेनियल काले का लंबी बीमारी के बाद कोल्हापुर में निधन हो गया। 95 वर्ष के काले का निधन शुक्रवार रात 8 बजे अस्पताल में हुआ। खराब स्वास्थ्य के चलते काले कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। डेनियल काले के अंतिम दिनों में नागरिक सुरक्षा बल व्हाइट आर्मी के संस्थापक अशोक रोकाडे ही उनकी देखरेख कर रहे थे।
अशोक रोकाडे ने बताया कि काले का अंतिम संस्कार कल शाम कदमवाड़ी में किया गया। काले का जन्म कोल्हापुर के पनहाला तहसील में 19 सितंबर में हुआ था। काले ने 1942 में रास बिहारी बोस इंडियन इंडिपेंडेंट लीग से जुड़े। बाद में इस लीग का आजाद हिन्द फौज में विलय हो गया। काले को सीमा पर सीक्रेट सर्विस ग्रुप के तहत भारत-बर्मा सीमा पर तैनात कर दिया गया।
यह ग्रुप खुफिया जानकारी इकत्र करके फौज के शीर्ष नेतृत्व को देता था। डेनियल का काले सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आजाद हिंद फौज के अंतिम सैनिक थे। रोकाडे ने बताया कि 1947 में देश की स्वतंत्रता के बाद काले कोल्हापुर लौट आए और वहीं बस गए। उनकी पत्नी का एक दशक पहले निधन होने के बाद पिछले सात वर्ष से हम उनकी देखभाल कर रहे थे।