देश के लिए आयुष्मान भारत योजना गेम चेंजर साबित होगी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक यह योजना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। सोमवार को प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम की रूपरेखा तथा इसके साथ शुरू होने वाले स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम की समीक्षा की। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार इस दौरान उन्हें राज्यों के साथ चल रहे परामर्श, सुझाव और प्रगति की भी जानकारी दी गई।
प्रधानमंत्री चाहते हैं कि गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने वाली इस योजना को बिना किसी देरी के लागू किया जाए। इस परियोजना के तहत गरीब परिवार को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रधान किया जाएगा। सरकार का प्रयास इस योजना के जरिए दस करोड़ से अधिक परिवारों को जोड़ने का है। बताते हैं प्रधानमंत्री ने इसके बाबत व्यापक चर्चा की और इसे शीघ्रता से लागू करने के संबंध में दिशा-निदेश दिए।
पीएम चाहते हैं कि इस योजना पहले न्यूनतम आय वर्ग के लोगों को वरीयता दी जाए। ताकि समाज के सबसे निचले तबके तक स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ पहुंचाया जा सके। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नीति आयोग और प्रधानमंत्री कार्यालय पूरी संवेदनशीलता के साथ आयुष्मान भारत को जमीन पर उतारने में लगे हैं। गौरतलब है कि भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आयुष्मान केंद्र का उद्घाटन किया था।
केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजना
आयुष्मान भारत केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजना है। सरकार इसे ध्यान में रखकर तेजी से काम कर रहे हैं। समझा जा रहा है कि केंद्र सरकार के कामकाज का चार साल पूरा होने पर केंद्र सरकार इस योजना को क्रियान्वित करने की घोषणा कर सकती है। इसके लिए जोर शोर से तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार के रणनीतिकारों को उम्मीद है कि यदि 2019 के आम चुनाव से पहले यह योजना जमीन पर उतरनी शुरू हो गई तो यह यूपीए सरकार की महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना तरह गेम चेंजर साबित हो सकती है।