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Ayushman Bharat: आयुष्मान भारत योजना से 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की हुई बचत, जेब खर्च में आई कमी

Fri, 31 Jan 2025 04:40 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पात्र वरिष्ठ नागरिकों को योजना के लाभों तक पहुंचाने के लिए वय वंदना कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। जो लोग पहले से ही इस योजना का लाभ उठा रहे हैं, उन्हें सालाना पांच लाख रुपये का विशेष टॉप-अप मिलेगा।
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आयुष्मान भारत - फोटो : Istock
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विस्तार
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आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना ने सामाजिक सुरक्षा और प्राथमिक स्वास्थ्य व्यय में वृद्धि के माध्यम से जेब खर्च में कमी लाने में अहम भूमिका निभाई है। इसमें 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। शुक्रवार को संसद में सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया गया। इस सर्वेक्षण में बताया गया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) ने भारत के जरुरतमंद आबादी को स्वास्थ्य कवरेज प्रदान की। 
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यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य-बीमा योजना है जो 12 करोड़ से अधिक परिवारों या लगभग 55 करोड़ व्यक्तियों को कवर करती है। रिपोर्ट में बताया गया कि एक जनवरी 2025 तक 36.36 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। इस योजना के तहत 30 हजार अस्पताल और 13352 प्राइवेज सुविधाएं सूचीबद्ध हैं। पिछले साल 11 सितंबर 2024 में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना का विस्तार करते हुए इसमें 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र वाले वरिष्ठ नागरिकों को भी शामिल किया गया है। इसके तहत प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये का मुफ्त स्वास्थ्य कवरेज मिलता है। इस पहल के तहत 4.5 करोड़ परिवारों के लगभग छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिलता है।

पात्र वरिष्ठ नागरिकों को योजना के लाभों तक पहुंचाने के लिए वय वंदना कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। जो लोग पहले से ही इस योजना का लाभ उठा रहे हैं, उन्हें सालाना पांच लाख रुपये का विशेष टॉप-अप मिलेगा। रिपोर्ट में बताया गया कि 15 जनवरी 2025 तक 40 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने इस योजना के तहत नामांकन किया। इसके अलावा पहलों में फ्री डायलिसिस योजना भी शामिल है, जिसमें 25 लाख लोगों को लाभ मिलता है। 
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रिपोर्ट में आगे बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2015 और वित्तीय वर्ष 2022 के बीच देश के कुल स्वास्थ्य व्यय में सरकारी स्वास्थ्य व्यय की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत से बढ़कर 48 प्रतिशत हो चुकी है। इसके अलावा जन औषधि योजना के तहत लोगों को सस्ती दवाइयां प्रदान की जा रही है। इस योजना ने देश में मजबूत गति पकड़ ली है। 2024 में रिकॉर्ड बिक्री हासिल करने के बाद देशभर में 14 हजार केंद्रों में इसका विस्तार किया गया। 
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