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कर्नाटक: आयुर्वेदिक डॉक्टर ने की इलाज के बहाने बेहोशी की दवा देकर चाचा-चाची की हत्या, सोना लूटकर चुकाया कर्ज

Wed, 21 Jan 2026 11:20 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवमोगा

सार

कर्नाटक के शिवमोगा में एक डॉक्टर ने कर्ज चुकाने के लिए अपनों का ही कत्ल कर दिया। आयुर्वेदिक डॉक्टर को अपने चाचा-चाची की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। कर्ज चुकाने के लिए बुजुर्ग दंपति को एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा देकर मौत की नींद सुला दी। 
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विस्तार
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कर्नाटक के शिवमोगा जिले के भद्रावती कस्बे से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने एक आयुर्वेदिक डॉक्टर को अपने चाचा-चाची की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने कर्ज चुकाने के लिए बुजुर्ग दंपति को एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा देकर मौत के घाट उतार दिया और घर में रखे गहने लेकर फरार हो गया।
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शिवमोगा के पुलिस अधीक्षक निखिल बी ने बताया कि मंगलवार को भद्रावती के भूतनागुड़ी लेआउट स्थित एक मकान में चंद्रप्पा (78) और उनकी पत्नी जयम्मा (75) के शव मिले। शुरुआत में पुलिस ने इस मामले को अस्वाभाविक मौत मानते हुए अप्राकृतिक मौत दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने चंद्रप्पा के भतीजे डॉ. मल्लेश को गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक मल्लेश चंद्रप्पा के भाई पलकशप्पा का बेटा है और भारी कर्ज में डूबा हुआ था। उसने चंद्रप्पा से 15 लाख रुपये की मदद मांगी थी, लेकिन इनकार किए जाने पर वह रंजिश रखने लगा। पुलिस ने बताया कि मल्लेश को यह जानकारी थी कि चाचा-चाची के घर में सोना रखा है। इसी लालच में उसने हत्या की साजिश रची और इसे अंजाम दिया।
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जोड़ों के पुराने दर्द के इलाज के बहाने घर पहुंचा

पुलिस के अनुसार 19 जनवरी को मल्लेश चंद्रप्पा के घर पहुंचा और जोड़ों के पुराने दर्द के इलाज का बहाना बनाया। उसने बुजुर्ग दंपती से उनके मेडिकल रिपोर्ट मांगे और भरोसा दिलाया कि एक इंजेक्शन से उनकी सभी बीमारियां ठीक हो जाएंगी। इसके बाद आरोपी ने उन्हें एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा का इंजेक्शन दिया, जिससे महज पांच मिनट के भीतर दोनों की मौत हो गई।

80 ग्राम सोना लेकर फरार, कर्ज चुकाया
हत्या के बाद आरोपी घर से करीब 80 ग्राम सोने के गहने लेकर फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक उसने उसी दिन गहने एक जौहरी को बेच दिए और अपने ज्यादातर कर्ज चुका दिए। पुलिस अधीक्षक निखिल बी ने इसे पूरी तरह से पूर्व नियोजित और ठंडे दिमाग से की गई हत्या बताया है।

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घर में मेज पर रखी मेडिकल रिपोर्ट देखकर हुआ शक
पुलिस को घर में मेज पर रखी मेडिकल रिपोर्ट देखकर शक हुआ। साथ ही घर में जबरन घुसने के कोई निशान नहीं थे। जांच में सामने आया कि मल्लेश ही आखिरी व्यक्ति था, जिसे घर में देखा गया था। पुलिस ने यह भी बताया कि चंद्रप्पा के तीनों बच्चे अलग रहते हैं और घटना के समय घर पर कोई नहीं था। आरोपी पहले दो अस्पतालों में काम कर चुका था, जहां से उसे निकाला जा चुका था। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

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