विधान पीठ ने फैसले में भगवान राम के जन्मस्थान के पक्ष में महर्षि वाल्मीकि की रामायण से लेकर ब्रिटेन के 17वीं सदी के चर्चित कवि विलियम वर्ड्सवर्थ की कविता, भारत आने वाले ब्रिटिश यात्री विलियम फिंच के यात्रा विवरण तक का जिक्र किया।
हमारा जन्म एक नींद और एक भूल है;
आत्मा जो हमारे साथ, हमारे जीवन के सितारों के साथ जन्म लेती है
हमारा जन्म कहीं और तय था,
और हम फिर दूर से आते हैं;
संपूर्ण विस्मृति में नहीं,
और बिल्कुल नंगेपन में नहीं,
लेकिन महिमा के बादलों से होते हुए हम,
भगवान के यहां से आते हैं, जो हमारा घर है।
प्रोद्यमाने जगन्नाथं सर्वलोकनमस्कृतम्।
कौसल्याजनयद् रामं दिव्यलक्षणसंयुतम।।
यानी कौशल्या ने एक बेटे को जन्म दिया, जो पूरे जगत के भगवान हैं। जो पूरे जगत के इष्ट हैं। वह आम आदमी जैसे नहीं हैं। उनमें अलौकिक शक्तियां हैं।