वैश्विक मीडिया में राम मंदिर भूमिपूजन
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के निर्माण की आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधारशिला रखी। कोरोना संकट के बावजूद राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन को लेकर एक दिन पहले से ही पूरे देश में उत्सव का माहौल बन गया था। इस कार्यक्रम पर भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया की नजर बनी रही। दुनियाभर के मीडिया संस्थानों ने इस कार्यक्रम को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जानिए इस पूरे घटनाक्रम को लेकर वैश्विक मीडिया ने क्या कहा...
बीबीसी : सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था मंदिर का रास्ता
बीबीसी ने राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद का उल्लेख करते हुए इस कार्यक्रम को कवर किया। बीबीसी ने लिखा- पीएम मोदी ने मंदिर का भूमि पूजन किया। साल 1992 तक यहां विवादित ढांचा था, जिसे भीड़ ने गिरा दिया था। दोनों समुदाय इस स्थान पर अपना-अपना दावा जताते रहे थे। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने यहां मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला दिया था। मुसलमानों को मस्जिद के लिए अलग स्थान दिया गया था।
सीएनएन : कोरोना संकट के बीच हुआ मंदिर का भूमिपूजन
अमेरिका के प्रमुख मीडिया संगठन सीएनएन ने लिखा कि मोदी ने हिंदुओं के सर्वाधिक पवित्र स्थल पर राम मंदिर का भूमिपूजन किया। सीएनएन ने भी यहां के विवाद का जिक्र किया और लिखा कि यह स्थान कई सालों से हिंदू और मुसलमानों के बीच के विवाद का मूल रहा है। सीएनएन ने भारत में कोरोना की स्थिति का भी जिक्र करते हुए लिखा कि यह कार्यक्रम ऐसे समय पर हुआ जब भारत में लगातार पांच दिनों से 50 हजार से ज्यादा संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। सीएनएन ने गृह मंत्री अमित शाह और अयोध्या मंदिर के पुजारी के कोरोना से संक्रमित होने की बात भी लिखी।
द गार्जियन : अयोध्या में तीन महीने पहले ही आ गई दीवाली
ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने लिखा कि अयोध्या में तीन महीने पहले ही दीवाली आ गई है। यहां राम मंदिर की आधारशिला रखी जा रही है जो कई सालों से भारत के इतिहास का सबसे भावनात्मक और विभाजनकारी मुद्दा रहा है। गार्जियन ने लिखा कि बहुत से हिंदुओं के लिए राम मंदिर बनना गर्व का क्षण है लेकिन भारत के मुसलमानों में दो प्रकार की भावनाएं हैं। उनको यहां करीब 400 साल से खड़ी मस्जिद जाने का दुख है तो मंदिर निर्माण पर उन्होंने अपनी मूक सहमति भी दे दी है।
अलजजीरा : भारत की सेक्युलर विचारधारा से समझौता
कतर का प्रमुख मीडिया संस्थान अलजजीरा ने इस कार्यक्रम को भारत की सेक्युलर विचारधारा से समझौता करार दिया। भारत में सत्ताधारी हिंदू राष्ट्रवादी भारतीय जनता पार्टी ने 1980 के दशक से मंदिर आंदोलन छेड़ रखा था। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने भी हिंदुओं के हक में फैसला सुनाया और मस्जिद की जगह उन्हें दे दी। अलजजीरा ने लिखा कि यह विडंबना है कि ढांचा विध्वंस मामले की कानूनी सुनवाई पूरी नहीं हुई है और मंदिर की नींव रख दी गई।